संन्यासी बनीं ममता कुलकर्णी का 34 साल पहले बना मंदिर, मूर्ति की होने लगी थी पूजा

नई दिल्ली, 90 के दशक की टॉप एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी महाकुंभ 2025 में किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर बनी, लेकिन बढ़ते विवाद के बीच 7 दिन के अंदर ही उनकी पदवी छिन गई. महामंडलेश्वर पद से हटाए जाने के बाद एक्ट्रेस ने अपने इंटरव्यू से तहलका मचा दिया. उन्होंने कहा कि वो 25 साल से भी ज्यादा समय से साधना कर रही हैं. एक्ट्रेस ने दावा किया है कि वो फिल्मों से दूर भक्ति में लीन थीं और यहां तक कि वो महामंडलेश्वर बनना भी नहीं चाहती थीं. लेकिन किन्नर अखाड़े की आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के दबाव में आकर उन्हें ये पदवी स्वीकार करनी पड़ी.

ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने के 34 साल पहले से एक्ट्रेस की फैंस के बीच ऐसी दीवानगी थी कि आंध्र प्रदेश में उनके नाम का मंदिर बनवा दिया गया था. लोग एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी को देवी की तरह पूजते थे. 1993 में फिल्म ‘आशिक आवारा’ से बॉलीवुड डेब्यू करने से पहले ममता कुलकर्णी ने साउथ की फिल्मों में काम किया था. वो तमिल औए तेलुगु फिल्म में नजर आई थीं जिसको दर्शकों का इतना प्यार मिला कि फिल्म ब्लॉकबस्टर हो गई.

वो साल 1991 में तमिल फिल्म ‘नंबर्गल’ में दिखी थीं. उनकी ये फिल्म ब्लॉकबस्टर थी जिसके बाद आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में एक्ट्रेस का मंदिर बनवा दिया गया था और लोग उन्हें देवी की तरह पूजने लगे थे. ममता कुलकर्णी की दूसरी साउथ फिल्म तेलुगु में थी और इसे भी दर्शकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था. साउथ में एक्टिंग का जलवा बिखेरने के बाद जब उन्होंने बॉलीवुड में सैफ अली खान के साथ ‘आशिक आवारा’ से डेब्यू किया तो लोग देखते ही रह गए.

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