नई दिल्ली, अभिनेत्री ऋचा चड्ढा अपने दर्शकों को एक नई प्रेम कहानी का तोहफा दिया है। उन्होंने “आखिरी सोमवार” नामक एक ड्रामा को पेश किया है, जिसे उन्होंने न केवल लिखा है बल्कि इसमें अभिनय भी किया है। यह फिल्म उनके लिए बेहद खास है, क्योंकि इसकी कहानी उनके अनुभवों से प्रेरित है।
ऋचा चड्ढा ने बताया कि इस फिल्म की कहानी उनके बचपन की यादों से जुड़ी है, जब उन्होंने अपने परिवार में बड़े चचेरे भाइयों की अरेंज मैरिज होते देखी थी। उन्होंने कहा कि जब हम कॉलेज से निकलते हैं, तो हमारे पास बहुत सारे सपने और महत्वाकांक्षाएं होती हैं। लेकिन जब हम नौकरी के बाजार में कदम रखते हैं, तो वे सपने धीरे-धीरे फीके पड़ने लगते हैं। समय गुजरता जाता है और जब तक हमें एहसास होता है, हम 30 के दशक के मध्य में पहुंच जाते हैं। इस उम्र में लोग उम्मीद करते हैं कि उनका करियर भी सफल होगा और शादी भी हो जाएगी, लेकिन समाज को लगता है कि अब बहुत देर हो चुकी है। इस दबाव के कारण लोग थक जाते हैं और अपने सपनों को छोड़ देते हैं।
ऋचा के अनुसार, “आखिरी सोमवार” एक ऐसी कहानी है जो जीवन के उतार-चढ़ाव, बिखराव और फिर से जुड़ने की भावनाओं को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि आजकल पारिवारिक मनोरंजन की कमी है और इस फिल्म में उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग का भी भरपूर इस्तेमाल किया है। एक निर्माता के रूप में वह इसे एक अच्छी निवेश संपत्ति मानती हैं।