अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपे जाने के बाद गुरुवार देर शाम आठ लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई थी. अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा कि राम मंदिर के दानपात्रों से नक़दी और क़ीमती सामान की कथित चोरी के मामले में आठ लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है. सभी आठ अभियुक्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. उन्हें अगले एक-दो दिनों में मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया जाएगा. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस मामले में वह ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ करके रहेंगे. योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा, “अयोध्या के बारे में जो समाचार मिल रहे थे हमने कहा था कि एसआईटी गठित की गई है. एसआईटी की रिपोर्ट आने के साथ ही हमारी कार्रवाई भी प्रारंभ हो जाएगी. और आपने देखा होगा,
एसआईटी की रिपोर्ट आई और तुरंत कार्रवाई प्रारंभ हो गई. मैं आश्वस्त करता हूं, जो मैंने कहा था ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हम करके रहेंगे.” उन्होंने आगे कहा, “जन आस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है. सनातन आस्था के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, उसका भुक्तभोगी होगा. किसी को छूट नहीं दी जा सकती.” इसके अलावा योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावे की चोरी का आरोप लगाने वालों को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने कहा, “राम भक्तों की अग्नि परीक्षा मत लो. उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ करना बंद करो. अगर तथ्य नहीं हैं, स्पष्ट प्रमाण नहीं हैं तो आरोप-प्रत्यारोप बंद करो. और प्रमाण है तो एसआईटी के सामने पेश करो.” उन्होंने कहा, “एसआईटी की सिफ़ारिश के अनुरूप सरकार कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है और जब वरिष्ठ अधिकारियों की टीम कार्य कर रही है तो उसमें राजनीतिक बयानबाजी बंद करें.”