Writing AI के दौर में बदल रहा है अखबारों का कामकाज, PageMaker से लेकर न्यूज़ एडिटिंग तक आई नई चुनौती

जालंधर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल ने पत्रकारिता और अखबार तैयार करने के पारंपरिक तरीके को भी तेजी से बदलना शुरू कर दिया है। एक समय था जब अखबार का एक पेज तैयार करने के लिए PageMaker जैसे सॉफ्टवेयर पर घंटों मेहनत करनी पड़ती थी। खबरों की एडिटिंग, पेज डिजाइन, हेडिंग, फोटो और लेआउट तैयार करने के लिए अलग-अलग कर्मचारियों की जरूरत होती थी। लेकिन अब AI और ऑनलाइन ई-पेपर के दौर ने यह काम काफी आसान कर दिया है।

आज छोटे समाचार पत्रों के कई संपादक भी ChatGPT जैसे AI टूल्स की मदद से खबरों को तैयार, संपादित और आकर्षक रूप देने लगे हैं। खबर का शीर्षक, भाषा सुधार, समाचार की प्रस्तुति और यहां तक कि पूरा समाचार तैयार करने में AI की मदद ली जा रही है। इसके बाद तैयार सामग्री को ई-पेपर या ऑनलाइन न्यूज प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित कर दिया जाता है।

इस बदलाव का एक दूसरा पहलू यह भी है कि कई छोटे अखबारों में अब वही डिजाइन और प्रस्तुति देखने को मिल रही है। अखबार का नाम भले ही अलग हो, लेकिन पेज का लेआउट, हेडिंग की शैली और खबर प्रस्तुत करने का तरीका कई बार एक जैसा दिखाई देता है। इससे पारंपरिक पत्रकारिता और आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के बीच अंतर भी कम होता नजर आ रहा है।

वहीं दूसरी ओर, जाने-माने और बड़े समाचार पत्र आज भी अपनी खबरों को तैयार करने में रिपोर्टर, सब-एडिटर, कॉपी एडिटर, फोटो जर्नलिस्ट और संपादक की पूरी टीम का सहयोग लेते हैं। एक खबर के प्रकाशित होने से पहले उसकी जानकारी, भाषा, तथ्यों और प्रस्तुति की कई स्तरों पर जांच की जाती है। यही प्रक्रिया किसी अखबार की विश्वसनीयता और उसकी संपादकीय पहचान को मजबूत बनाती है।

सोशल मीडिया ने भी समाचारों की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। अब आम लोग किसी घटना की जानकारी, फोटो या वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर साझा कर देते हैं। कई बार घटनास्थल से खबर सबसे पहले सोशल मीडिया पर सामने आती है और बाद में वही जानकारी समाचार माध्यमों तक पहुंचती है।

AI के आने से पत्रकारिता के सामने जहां नई संभावनाएं खुली हैं, वहीं कई चुनौतियां भी पैदा हुई हैं। खबर बनाना आसान हो गया है, लेकिन सही और गलत जानकारी में अंतर करना पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। AI किसी सामग्री को बेहतर भाषा में लिख सकता है, लेकिन खबर की सत्यता, स्रोत की विश्वसनीयता और पत्रकारिता की जिम्मेदारी अभी भी इंसान की ही है।

आज AI की मदद से हर क्षेत्र में काम करने का तरीका बदल रहा है। पत्रकारिता भी इस बदलाव से अछूती नहीं है। आने वाले समय में अखबारों की दुनिया में तकनीक और इंसानी संपादकीय सोच का मेल किस रूप में सामने आएगा, यह देखने वाली बात होगी। एक बात साफ है कि AI ने खबर बनाने का तरीका आसान जरूर कर दिया है, लेकिन अच्छी पत्रकारिता की पहचान आज भी तथ्य, विश्वसनीयता और संपादकीय सोच से ही होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *