मेरठ, मेरठ में 12 साल तक मृत महिला को जीवित बताकर परिवार पेंशन की रकम हड़पता रहा। पेंशनर को जीवित दिखाने के लिए जिला अस्पताल के फर्जी लाइफ सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया गया। खुलासा होने पर जांच शुरू की गई जिसके बाद आरोप साबित हो गए। टीपीनगर थाने में रक्षा पेंशन संवितरण अधिकारी की ओर से परिवार के लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। नोटिस भी जारी किया गया है और रिकवरी की कार्रवाई शुरू कराई गई है। रक्षा पेंशन संवितरण अधिकारी कमल किशोर ने बताया कि टीपीनगर के उत्तमनगर निवासी तेजवंती बहल पत्नी स्वर्गीय मेहरचंद पेंशनधारक थी। मार्च 2010 में तेजवंती ने आखिरी बार खुद रक्षा पेंशन संवितरण कार्यालय में पहुंचकर जीवित होने का सत्यापन कराया था। इसके बाद 2011 में परिजनों ने पीएल शर्मा जिला अस्पताल का लाइफ सर्टिफिकेट दाखिल करते हुए बताया कि तेजवंती बहल जीवित हैं। इस दस्तावेज के आधार पर पेंशन लगातार सुचारू रही। इसके बाद से लगातार पेंशन इसी सर्टिफिकेट के आधार पर दी जाती रही। 2022 में शक होने पर तेजवंती से मिलकर उनके जीवित होने की पुष्टि करने का आदेश दिया गया। एक टीम को इसकी जिम्मेदारी दी गई। टीम को यह काम भी दिया गया कि तमाम लाइफ सर्टिफिकेट का सत्यापन कराएं।