जालंधर, मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान गोल्डी एवं प्रीति शर्मा से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
सिद्ध मां बगलामुखी धाम में आयोजित दिव्य हवन यज्ञ के पावन अवसर पर पूरा धाम मंत्रोच्चार, यज्ञ की पवित्र अग्नि और भक्तों की अटूट श्रद्धा से भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा। इस अवसर पर धाम के प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संत रविदास जी की अमृतवाणी के माध्यम से मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य समझाया।
अपने प्रवचनों में उन्होंने संत रविदास जी के प्रसिद्ध दोहे—
*”बहुत जनम बिछुरे थे माधउ, इह जनम तुम्हारे लेखे।*
*कहे रविदास आस लग जीवउ, चिर भइओ दरसन देखे॥”*
का भावार्थ बताते हुए कहा कि आत्मा अनादि काल से 84 लाख योनियों के चक्र में भटकती रही है। अनगिनत जन्मों के बाद प्राप्त यह दुर्लभ मानव जीवन केवल प्रभु भक्ति और आत्मिक कल्याण के लिए मिला है। अब इस जीवन को ईश्वर के चरणों में समर्पित कर देना ही मनुष्य का सर्वोच्च धर्म है।
नवजीत भारद्वाज ने दोहे की दूसरी पंक्ति *”कहे रविदास आस लग जीवउ, चिर भइओ दरसन देखे”* की व्याख्या करते हुए कहा कि संत रविदास जी प्रभु से विनम्र प्रार्थना कर रहे हैं कि उनके दर्शन किए हुए युग बीत गए हैं और अब वे केवल उसी आशा के सहारे जीवन व्यतीत कर रहे हैं कि एक दिन प्रभु अपनी कृपा दृष्टि अवश्य करेंगे।
प्रवचनों के अंत में नवजीत भारद्वाज ने कहा कि मानव जीवन केवल भौतिक सुख-सुविधाओं और सांसारिक उपलब्धियों के लिए नहीं मिला, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने के लिए मिला है। उन्होंने कहा कि जब तक भक्ति में प्रभु के प्रति प्रेम, तड़प और समर्पण नहीं होगा, तब तक साधना पूर्ण नहीं हो सकती। सच्ची भक्ति वही है, जिसमें भक्त का हृदय हर पल प्रभु मिलन की लालसा से भरा रहे।
इस अवसर पर नितिन कौडा,नवीन कुमार,रवि कुमार,सरोज बाला, समीर कपूर, विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा, प्रदीप , दिनेश सेठ,सौरभमरवाहा, रोहित भाटिया, मुनीष मैहरा, जगदीश, ऋषभ कालिया,रिंकू सैनी, कमलजीत,बलजिंदर सिंह, धर्मपालसिंह, अमरजीत सिंह, उदय ,अजीत कुमार , नरेंद्र,बावा जोशी,राकेश शर्मा, अमरेंद्र सिंह,प्रदीप, सुधीर, सुमीत ,जोगिंदर सिंह, मनीष शर्मा, परमजीत सिंह, दानिश, रितु, कुमार,गौरी केतन शर्मा,सौरभ ,भोला शर्मा, जगदीश, नवीन कुमार, निर्मल,अनिल,सागर,दीपक,दसोंधा सिंह, प्रिंस कुमार, दीपक कुमार, नरेंद्र, सौरभ,दीपक कुमार,नरेश,दिक्षित, अनिल, अजय सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे। हवन यज्ञ उपरांत लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।