पीजीआई रोहतक के डॉक्टरों ने की एक यूनिक सर्जरी कर एक युवक के पेट में आर-पार हुए लोहे के दो सरियों को 5 घंटे की सफल सर्जरी के बाद निकाला. बीती रात 9 से 2 बजे तक रोहतक स्थित पंडित बीडी शर्मा पीजीआईएमएस की कार्डियो सर्जरी विभाग में 18 वर्षीय करण का सफल ऑपरेशन किया गया. सर्जरी के बाद युवक की हालत खतरे से बाहर है. मरीज के पिता ने डॉक्टरों का धन्यवाद किया है.कल शाम करीब छह बजे जिला सोनीपत के तहसील गन्नौर के भोरारसुलपुर गांव में करण बाइक से तेल लेने जा रहा था कि रास्ते में आगे चल रही सरिया से लदी रेहड़ी में वह टकरा गया. टक्कर के बाद 40 फीट लंबे दो सरिये उसके पेट के आर-पार निकल गए. मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने सूझ बूझ दिखाई और सरियों को कटवाने के बाद उसे अस्पताल ले गए. करण को पीजीआई में दाखिल कराया गया.पंडित बीडी शर्मा पीजीआईएमएस रोहतक के कार्डियक सर्जरी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर शमशेर लोहचब ने बताया के कल रात को पेशेंट उनके पास लाया गया था. सबसे पहले उसके पेट से आरपार हुए सरियों को काटकर छोटा किया गया.उसकी स्थिति को देखते हुए पूरी डॉक्टरों की टीम तुरंत सर्जरी की तैयारी में जुट गई. ग्रामीणों के काटने के बावजूद मरीज के शरीर में 4 फीट लंबा सरिया थे. सरियों ने मरीज के दोनों फेफड़ों को डैमेज कर दिया था. ऐसी स्थिति में मरीज को ओपन हार्ट सर्जरी के ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट कर सर्जरी शुरू की गई. लगभग 5 घंटे चली इस सर्जरी में सफलतापूर्वक सरियों को निकाला गया फेफड़ों में हुए नुकसान को स्टेपल द्वारा ठीक किया गया, जिससे उसमें से ब्लीडिंग बंद हो गई.