नई दिल्ली: वैज्ञानिकों के निएंडरथल की आबादी (Neanderthal population) घटने का एक अहम कारण खोज लिया है. इनके मुताबिक मनुष्यों (Humans) और निएंडरथल के बीच बने शारीरिक संबंधों के कारण एक दुर्लभ किस्म के ब्लड डिस्ऑर्डर ने निएंडरथल (Neanderthal) की संतानों पर नकारात्मक असर डाला, जिससे उनकी आबादी घट गई.
एक अध्ययन के अनुसार, निएंडरथल के ब्लड सैंपल्स से पता चलता है कि उनके खून में जेनेटिक वैरिएंट्स का एक खास सेट था, जो हेमोलिटिक डिसीज ऑफ द फेटस एंड न्यूबोर्न (एचडीएफएन) बीमारियों को लेकर अतिसंवेदनशील था. आशंका है कि यही उनमें एनीमिया का कारण बना. रिसर्चर्स का मानना है कि ऐसी आशंका है कि HDFN के कारण ही निएंडरथल बच्चों की संख्या में कमी आई होगी. निएंडरथल मानव होमो सोपिएंस के एक ऐसे विलुप्त सदस्य हैं जो पश्चिम यूरोप, पश्चिम एशिया और अफ्रीका में लाखों साल पहले रहते थे. इनको मनुष्य की ही एक उपजाति माना जाता है. इनका कद करीब 4.5 से 5.5 फिट तक था. 2007 में किये गए अध्ययनों से यह पता चलता है कि इनके बालों का रंग लाल और स्किन पीली थी.
रिपोर्ट में कहा गया है, “निएंडरथल और डेनिसोवन्स के ब्लड ग्रुप सिस्टम के विश्लेषण से उनके मूल, विस्तार और होमो सेपियन्स के साथ रिलेशन बनाने के बारे में जानने में काफी मदद मिली है. मानव के पूर्वजों और निएंडरथल के बीच संबंध के मामलों में एचडीएफएन होने का जोखिम अधिक है. लिहाजा यह डिस्ऑर्डर उनमें एनीमिया का कारण बना और फिर निएंडरथल कमजोर होकर मर गए.