रोहतास, धान की खेती में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और बोरे वाली पारंपरिक खाद के इस्तेमाल को लेकर किसानों के बीच असमंजस बना हुआ है. आखिर धान की फसल के लिए कौन-सी खाद बेहतर है? किसका इस्तेमाल कब करना चाहिए और ज्यादा यूरिया डालने से फसल को क्या नुकसान हो सकता है? इन सवालों का जवाब जानने के लिए Local18 की टीम ने IFFCO के क्षेत्रीय प्रबंधक एवं कृषि विशेषज्ञ सत्यरूपम कुमार से बातचीत की. उन्होंने किसानों को खाद के संतुलित इस्तेमाल और नैनो उर्वरकों के प्रयोग का तरीका बताया
सत्यरूपम कुमार के मुताबिक धान की फसल का तेज हवा चलने पर जमीन पर गिर जाना किसानों के लिए बड़ी समस्या है. खेतों में जरूरत से ज्यादा नाइट्रोजन वाली खाद डालने से पौधों की बढ़वार असंतुलित हो सकती है. फसल गिरने का जोखिम बढ़ सकता है. इससे किसानों को उपज और फसल की गुणवत्ता के स्तर पर नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे में खाद की मात्रा और इस्तेमाल का सही समय तय करना बेहद जरूरी है