नई दिल्ली, (R.aajtak.com)-Indian Currency- पहले 1,2 और 5 रुपये के सिक्के (Coin) की काफी डिमांड थी, लेकिन धीरे-धीरे सिक्कों की डिमांड घटने लगी. आलम यह है कि अब लोग सिक्के लेने से हिचकने लगे हैं. सिक्कों की डिमांड इस हद तक कम हो गई कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास सिक्कों का अंबार लग गया है. यही वजह है कि अब केन्द्रीय बैंक सिक्कों पर तीन गुना इंसेंटिव बढ़ा दिया है. RBI का कहना है कि क्लीन नोट पॉलिसी के तहत केंद्रीय बैंक की तरफ से बैंकों को सिक्के मुहैया कराए जा रहे हैं.
अब तक आरबीआई, बैंकों को सिक्कों के प्रति बैग पर 25 रुपये का इंसेंटिव देता था, यानी एक बैग सिक्के लेने पर बैंक को 25 रुपये इंसेंटिव के रूप में अलग से दिए जाते थे. अब उसे बढ़ाकर 65 रुपये कर दिया गया है. RBI ने आम लोगों को सिक्के देने को लेकर बैंकों के लिये प्रोत्साहन राशि 25 रुपये प्रति थैला से बढ़ाकर 65 रुपये प्रति बैग कर दी है. साफ-सुथरे नोट नीति के तहत यह कदम उठाया गया है. साथ ही इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी बैंक शाखाएं नोट को बदलने और सिक्के उपलब्ध कराने को लेकर लोगों को बेहतर सेवा उपलब्ध करायें. RBI ने एक अधिसूचना में कहा कि बैंकों को ग्रामीण और छोटे कस्बों में सिक्का वितरण को लेकर प्रति थैला 10 रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जएगा. केंद्रीय बैंक ने कहा, एक सितंबर, 2021 से बैंकों के दावों की प्रतीक्षा किए बिना, करेंसी चेस्ट(CC) से शुद्ध निकासी के आधार पर सिक्कों के वितरण के लिये 25 रुपये के बजाए प्रति थैला 65 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा.