सीचेवाल, श्रीमान संत अवतार सिंह जी की 38वीं वार्षिक बरसी के अवसर पर आयोजित कवि दरबार में कवियों ने अपनी मौलिक रचनाएं प्रस्तुत कीं। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से बताया कि किस प्रकार संत अवतार सिंह जी ने इस क्षेत्र को गुरबाणी से जोड़ा। उनके बताए सेवा मार्ग पर चलते हुए संत बलबीर सिंह सीचेवाल जी ने शिक्षा, खेल, पर्यावरण और विशेष रूप से बाबा नानक की पावन वेईं नदी की सफाई कर सीचेवाल और सुल्तानपुर लोधी का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है।
इस अवसर पर पहुंचे कवियों को सम्मानित करते हुए पर्यावरण प्रेमी एवं राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि दुनिया में तेजी से बदल रहे जलवायु परिवर्तन का प्रभाव पूरे विश्व पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सिख धर्म दुनिया का ऐसा अनूठा धर्म है जो “सरबत दा भला” का संदेश देता है। संत सीचेवाल ने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और अल-नीनो का प्रभाव भी अब स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। अल-नीनो के दौरान प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है, जिससे पूरी दुनिया में हवाओं का प्रवाह प्रभावित होता है। इसके कारण बारिश के मौसम में भी भीषण गर्मी पड़ती है, जिसे सहन करना कठिन हो जाता है।
कवि दरबार में अपनी रचनाएं प्रस्तुत करने वाले कवियों में प्रो. राम मूर्ति, संत सिंह संधू, मुख्तियार सिंह चांदी, बीबा बलवंत, डॉ. सतबीर सिंह शांत, सुखजिंदर कौर, लाडी भुल्लर, जोगिंदर सिंह उमरानंगल, हजारा सिंह गिल, लाली करतारपुरी, दीश दबुरजी, सुरजीत साजन, लाडी लाहौरी, ज्ञान सिंह मलसिया, बाबा बलदेव कृष्ण सिंह जी सहित अन्य कवि शामिल रहे। वहीं संत सुखजीत सिंह जी ने मंच संचालन करते हुए अपनी मौलिक रचना के साथ कवि दरबार का समापन किया।