डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को ट्रांसमिशन से होने वाले नुक्सान को रोकने के लिए अत्यधिक प्रयास करने के दिए आदेश

जालंधर, (संजय शर्मा )-सुशील कुमार रिंकू ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा 273.68 करोड़ रुपये की लागत से संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत जालंधर में बिजली आपूर्ति और वितरण बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।

जिला प्रशासकीय कम्प्लैक्स में विधायक रमन अरोड़ा और शीतल अंगुराल (दोनों सदस्य) और डिप्टी कमिश्नर-कम-सदस्य सचिव विशेष सारंगल के साथ जिला बिजली कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुशील रिंकू ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य बिजली नुक्सान को कम करना है और बिजली की आपूर्ति को मजबूत और आधुनिक बनाना है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सब स्टेशनों में वृद्धि, फीडरों की बांट, पुराने कंडक्टरों को बदलना, अतिरिक्त एच.टी. लाइन और एल.टी. के काम शामिल है ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली स्पलाई उपलब्ध हो सके।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि टैंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद नुक्सान को कम करने के लिए जल्द ही फील्ड वर्क शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जालंधर जिले को 4 डिवीजनों, मॉडल टाउन, ईस्ट, केंट और वेस्ट में विभाजित किया गया है और इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश पहले ही तैयार किए जा चुके है।
उन्होंने कहा कि मीटर लगाने, घाटे को कम करने, सिस्टम को मजबूत करने और आधुनिकीकरण सहित चार मानदंडों के अनुसार 273 करोड़ रुपये का काम निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाएगा।
जिले में बिजली स्पलाई में और सुधार लाने के लिए 38.70 करोड़ रुपये से 58 फीडरों में बढ़ोतरी, 36.14 करोड़ रुपये से फीडर केबल, 31.14 करोड़ रुपये से नए एच.टी. और एल.टी. लाईन 48.18 करोड़ रुपये की लागत से पावर सब स्टेशनों की अपग्रेडेशन और 25.25 करोड़ रुपये की लागत से 72.39 किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन की अपग्रेडेशन के काम करवाए जाएगे। उन्होंने कहा कि इस योजना में नए सबस्टेशनों की स्थापना एवं एच.टी. और एल.टी. लाईनों को दोबारा चलाना शामिल है।

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