पराली को आग न लगाकर किसान प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए आगे आए : डिप्टी कमिश्नर

रुड़का कलां (जालंधर), डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने किसानों को न्योता दिया कि वह प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए पराली जलाने के रूझान से बचें क्योंकि इससे जहरीली गैसों के साथ वातावरण प्रदूषित हो रहा है।

रुड़का कलां में जागरूकता कैंप के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि पंजाब के किसानों ने हमेशा देश को अनाज के क्षेत्र में आत्म-निर्भर बनाने में फसलों का उत्पादन किया है तथा वह पर्यावरण संभाल में भी धान की पराली को आग न लगाने के लिए आगे आए।
डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि वह भी उनकी तरह जमीनी पहलुओं के भली भांति परिचित है। उन्होंने कहा कि सांझा एवं प्रभावी प्रयासों से धान की पराली को आग लगाने के रूझान को रोका जा सकता है।
उन्होंने कहा कि किसानों को पराली के उचित निपटारे के लिए इन-सीटू और एक्स-सीटू प्रबंधन अपनाना चाहिए। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि पराली जलाना कोई समाधान नहीं है और अगर हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण देना चाहते है तो हमें इस रूझान को छोड़ना होगा।
डिप्टी कमिश्नर ने किसानों को इस बुरी प्रवृत्ति के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए सक्रिय योगदान देने का न्योता दिया।
डिप्टी कमिश्नर ने उन किसानों की भी प्रशंसा की जो नवीनतम कृषि तकनीकों का उपयोग कर पर्यावरण और पानी को बचाने में योगदान दे रहे है। उन्होंने किसानों से इन तकनीकों को अपनाने के लिए आगे आने की अपील की। श्री सांरगल ने किसानों को इस नेक काम में पूरा सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
बता दें कि धान की पराली जलाने की निगरानी के लिए फिल्लौर, नकोदर और शाहकोट के एसडीएम के इलावा तीन अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नरों और पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।इस उपरांत डिप्टी कमिश्नर ने खेतों का दौरा किया और किसानों द्वारा अपनाए जा रहे एक्स-सीटू प्रबंधन की प्रशंसा की। इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) जसबीर सिंह, सब डिवीजनल मैजिस्ट्रेट अमनपाल सिंह और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।

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