जालंधर, (R.aajtak.com)-कन्या महाविद्यालय द्वारा डी.बी.टी. स्टार स्टेटस के अंतर्गत साइंस सेतु प्रोग्राम के तहत नेशनल इंस्टिट्यूट
ऑफ़ प्लांट जीनोम रिसर्च, नई दिल्ली के वैज्ञानिकों के साथ वर्चुअल इंटरेक्शन का आयोजन करवाया गया. अंडर ग्रेजुएट स्तर की छात्राओं के लिए ऐसे शोध क्षेत्र के उच्चस्तरीय एक्सपोजर को प्राप्त करना अपने आप में एक विशेष उपलब्धि है. इस वर्चुअल इंटरेक्शन में 50 से भी अधिक छात्राओं ने पूरे जोश एवं उत्साह के साथ भाग लिया. डॉ. गीतांजलि यादव,साइंटिस्ट वी, एन.आई.पी.जी.आर. ने बतौर स्त्रोत वक्ता छात्राओं को संबोधित होते हुए डाटा साइंस प्रबंधन के संबंध में सीखने के लिए प्रोत्साहित किया. इसके साथ ही उन्होंने छात्राओं को पौधों की पर्यावरण के साथ संचार तथा जानकारी को अपने एक्टिव औरगंनज़ में बदलने की क्षमता के बारे में विस्तार सहित समझाने के साथ-साथ विभिन्न केमिकल्स में बहुमुखी आइसोप्रेनोइड्स के बारे में भी चर्चा की. इसके अलावा उन्होंने अमिशन प्रोफाइल्स को एकत्रित करने, तरपिनोम को मापने, अमीशन आंकड़ा विश्लेषण आदि के बारे में प्रकाश डालते हुए केमिकल कंपाउंड्स की डिक्शनरीज़ को तैयार करने के संबंध में भी बात की. अंत में उन्होंने विद्यार्थियों को समर रीसर्च फैलोशिप जैसे प्रोग्रामों में भाग लेने के लिए उत्साहित किया.डॉ. पिंकी अग्रवाल, वैज्ञानिक, एन.आई.पी.जी.आर. ने छात्राओं के द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों के जवाब भी सरल ढंग
से दिए. विद्यालय प्रिंसिपल प्रो. अतिमा शर्मा द्विवेदी ने साइंस विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष प्रयत्न की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां छात्राओं को साइंस की विभिन्न अवधारणाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ उनके बौद्धिक विकास में मददगार साबित होती हैं