मुंबई, जलेबी की तरह उलझी मनसुख मर्डर मिस्ट्री अब धीरे-धीरे सुलझती नजर आ रही है। यह दावा एटीएस के डीआईजी शिवदीप लांडे ने किया है। एटीएस सूत्रों के अनुसार, मनसुख मर्डर मिस्ट्री में हत्या का सूत्रधार निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वझे ही है, जबकि मनसुख को जाल में फंसाने से लेकर उसकी हत्या करने तक में करीब एक दर्जन लोग शामिल हो सकते हैं। इनमें मुख्य भूमिका वझे, निलंबित सिपाही विनायक शिंदे और नरेश गोरे की है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई हैं, लेकिन मर्डर मिस्ट्री की गुत्थियों को सुलझाने के लिए एटीएस अधिक से अधिक सबूतों को ढूंढने में लगी हुई है। मनसुख हिरेन और उनके भाई विनोद हिरेन के बीच 27 फरवरी को हुई बातचीत की ऑडियो क्लिप एटीएस के हाथ लगी है, जिसके आधार पर वह कोर्ट को बताने में सफल हो सकते हैं कि हत्याकांड में वझे का हाथ है।