पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा होती है – अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर जसबीर सिंह

फिल्लौर (जालंधर), डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल के निर्देशों पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) जसबीर सिंह ने जिले के किसानों को पराली न जलाने के बारे में जागरूक करने के अभियान तहत आज फिल्लौर सब-डिवीजन के गांव तेहिंग में किसानों से मुलाकात कर उनको पराली को आग न लगाने संबंधी जागरूक किया गया।

किसानों से बातचीत करते हुए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) जसबीर सिंह ने कहा कि पराली को आग लगाने से जहां पर्यावरण को भारी नुक्सान होता है, वहीं लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति भी कम हो जाती है और इससे फसलों के लिए उपयोगी कई कीट भी मर जाते है, जिससे फसलों की पैदावार पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।
अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार धान की पराली के उचित प्रबंधन के लिए किसानों को सब्सिडी वाली कृषि मशीनें उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही जो किसान धान की पराली को खेतों में मिलाकर अगली फसल की बुआई करेंगे, उन्हें प्रति एकड़ 1500 रुपये की राशि दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि धान की पराली को आग लगाने वाले किसानों की राजस्व रिकार्ड में रैड एंट्री सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि यह हमारा पहला कर्तव्य है कि हम पराली जलाने के रूझान को छोड़ें और अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और साफ वातावरण सुनिश्चित करने में सक्रिय योगदान दें।
इस अवसर पर सबडिवीजन मैजिस्ट्रेट, फिल्लौर अमनपाल सिंह ने कहा कि आज गांव तेहिंग के खेतों में पराली में आग लगी हुई पाई गई, जिसे फायर ब्रिगेड की गाड़ियों द्वारा तुरंत बुझा दिया गया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा गठित टीमों द्वारा पराली में आग लगाने की घटनाओं को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान धान की पराली की गांठें बनाकर बेलर मशीन के माध्यम से बेच सकते है, जिससे उनकी आय भी बढ़ेगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा धान की पराली को आग न लगाने के लिए चलाए गए अभियान को सफल बनाने में पूरा सहयोग दें ताकि पर्यावरण को स्वच्छ रखा जा सके।
फोटो कैप्शन: अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) जसबीर सिंह किसानों को धान की पराली को आग न लगाने के लिए प्रेरित करते हुए।

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