जालंधर, केंद्र सरकार द्वारा पेगासस स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर के जरिए पत्रकारों समेत 300 लोगों की जासूसी के खिलाफ पंजाब प्रेस क्लब की ओर से आज रोस मार्च निकाला गया। पंजाब प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. लखविंदर सिंह जोहल, सतनाम सिंह मानक, मनदीप शर्मा, मलकीत बराड़, कुलदीप बेदी और पाल सिंह नौली भाजपा के नेतृत्व में विरोध मार्च में बड़ी संख्या में पत्रकारों ने हिस्सा लिया। यह मार्च पंजाब प्रेस क्लब से शुरू हुआ और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की स्मृति में बने चौक तक गया। पत्रकारों पर केंद्र सरकार की जासूसी के खिलाफ पत्रकारों ने एक स्वर में नारे लगाए। पत्रकार समुदाय ने इस मामले को देश के लोगों की निजता और प्रेस की स्वतंत्रता के अधिकार पर एक गुप्त हमला करार दिया। पंजाब प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. लखविंदर सिंह जोहल ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि पत्रकारों की जासूसी की जा रही है और यह लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस्राइली कंपनी एस.एस.ओ ग्रुप द्वारा खरीदे गए सॉफ्टवेयर पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने और यह पता लगाने को कहा कि किसके इशारे पर ऐसा घिनोना अपराध किया जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार सतनाम सिंह मानक ने कहा कि मोदी सरकार से असहमत पत्रकारों और अन्य कार्यकर्ताओं को किसी न किसी वजह से परेशान किया जा रहा है ! सरकार को करोड़ों रुपये के सॉफ्टवेयर पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा जज से करवानी चाहिए। पत्रकार समुदाय ने केंद्र सरकार द्वारा पहरेदार अखबार के संपादक जसपाल सिंह हेरा की कथित जासूसी की भी कड़ी निंदा की। इस मौके पर सुनील रुद्रा, क्लब के महाप्रबंधक जतिंदर पाल सिंह, हरविन्दर सिंह फुल, रंजीत सिंह सोढ़ी, मोहिंदर राम फोगलाना, तजिंदर सिंह राजन, पवनदीप सिंह, जसबीर सिंह सोढ़ी, सुक्रांत सफारी, जगजीत डोगरा, सुमित महेंद्रु, इकबाल सिंह, हरीश शर्मा, शैली अल्बर्ट, रमेश भगत, रघुबीर सिंह बिट्टू, जगरूप, निशा शर्मा, विकास मोदगिल, जे. सोना पुरेवाल, सहित विभिन्न संगठनों के पत्रकार मौजूद रहे।