NEW DELHI : दुनियाभर में ओमीक्रॉन के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। भारत में भी ओमीक्रॉन कोविड वेरिएंट के दो मामले दर्ज किए हैं और इसके अधिक देशों में फैलने की संभावना है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा, भारत में टीकाकरण की तेज गति और उच्च सेरोपॉजिटिविटी के सबूत के रूप में डेल्टा संस्करण के उच्च जोखिम को देखते हुए, बीमारी की गंभीरता कम होने का अनुमान है। हालांकि, वैज्ञानिक साक्ष्य अभी भी विकसित हो रहे हैं।
इसमें आगे कहा गया है कि मामलों में वृद्धि का पैमाना और परिमाण और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे होने वाली बीमारी की गंभीरता अभी भी स्पष्ट नहीं है। इस वेरिएंट के खिलाफ मौजूदा वैक्सीन प्रभावकारिता के सवाल पर, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मौजूदा टीके ओमीक्रॉन पर काम नहीं करते हैं। स्पाइक जीन पर रिपोर्ट किए गए कुछ म्यूटेशन मौजूदा टीकों की प्रभावकारिता को कम कर सकते हैं।
मंत्रालय के अनुसार, इसलिए टीकों से अभी भी गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करने की उम्मीद है, और उपलब्ध टीकों के साथ टीकाकरण महत्वपूर्ण है। यदि पात्र हैं, लेकिन टीकाकरण नहीं करवाया है, तो टीका लगवाना चाहिए। मंत्रालय ने कहा है कि बरती जाने वाली सावधानियां और कदम पहले की तरह ही रहेंगे। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, खुद को ठीक से मास्क करना आवश्यक है, टीकों की दोनों खुराक लें (यदि अभी तक टीका नहीं लगाया गया है), सामाजिक दूरी बनाए रखें और अधिकतम संभव वेंटिलेशन बनाए रखें। सरकार स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है और उपयुक्त दिशा-निर्देश जारी कर रही है।
अफ्रीकी देशों से आए 30 यात्री मिले कोरोना संक्रमित
ओमीक्रॉन वेरिएंट के दो मामलों के बाद पूरे देश में डर का माहौल है। इस बीच अब एक और परेशान करने वाली खबर सामने आई है जिससे सरकार की चिंता बढ़ा दी है। खबर है कि उच्च खतरे वाले देशों से आए करीब 30 यात्री कोविड-19 पॉजिटिव मिले हैं। कुल चार राज्यों में यह 30 यात्री कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं। इन यात्रियों के स्वैब के नमूने जीनोम अनुक्रमण के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त लैबों में आगे की जांच के लिए भेजे गए हैं। इस जांच से पता चलेगा कि इनमें से कोई यात्री कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमित है या नहीं? अधिकारियों ने बताया कि इनमें से ज्यादातर यात्री अधिक खतरे वाले अफ्रीकी देशों की यात्रा से लौटे हैं। इनमें से राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के 9 यात्री हैं। इसके अलावा तमिलनाडु के 2 यात्री और गुजरात के 1 यात्री शामिल हैं। इन राज्यों के अधिकारियों के मुताबिक इनमें से ज्यादा असिम्टोमैटिक हैं और इनमें कोविड के बहुत कम लक्षण मिले हैं। इन सभी यात्रियों के कॉन्टैक्ट ट्रैकिंग का काम शुरू हो चुका हैं।
इस बीच एक और बड़ी खबर यह भी है कि अफ्रीकी देशों से बेंगलुरु आए 10 यात्री लापता हो गए हैं। इतना ही नहीं उनका फोन भी बंद है और वह अपने दिए पते पर भी उपलब्ध नहीं है। राज्य से ही ओमीक्रॉन के दो मामले सामने आने के बाद इसे बड़ी लापरवाही के तौर पर देखा जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारी इन यात्रियों की तलाश में जुट गए हैं।