नई दिल्ली, अंतरिक्ष के भविष्य के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं, कहीं भी, कभी भी, कुछ भी हो सकता है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने देखा कि एक विशालकाय तारा अपने ग्रह को निगल रहा था। उनका मानना है कि एक दिन सूर्य भी पृथ्वी को निगल लेगा। उस विशालकाय तारे के बारे में वैज्ञानिकों ने बहुत पहले ही पता लगा लिया था कि ऐसा हो सकता है। लेकिन वास्तव में यह कब होगा इसका कोई सबूत नहीं था। मगर आखिर में सबूत सामने आया। नासा सहित कई अन्य वैज्ञानिकों ने यह दृश्य स्पष्ट रूप से टेलिस्कोप के माध्यम से देखा कि अपना जीवन समाप्त कर रहे तारे ने अपने निकटतम ग्रह एक निगल लिया है। जिसका नाम ZTF SLRN 2020 बताया जा रहा है। अंतरिक्ष विज्ञान के सिद्धांत और वैज्ञानिकों की गणना कहती है कि किसी भी तारे की उम्र बढ़ने के साथ आकार में बढ़ता जाता है। जैसे-जैसे वे बड़े होते जाते हैं, उनका स्वभाव भी बदलता जाता है। कभी-कभी तारे से निकलने वाले चुंबकीय क्षेत्र और गुरुत्वाकर्षण इतना ज्यादा रहता है कि वे आस पास के आकाशीय पिंडों को निगल लेते हैं। तारों में ऐसा परिवर्तन तारे के सबसे निकट के ग्रहों पर प्रभावित करता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे-जैसे सूरज बूढ़ा होगा, उसके तीन निकटतम ग्रह-बुध, शुक्र और पृथ्वी भी उसके गाल में समा जाएंगे।