गरीबी रेखा से निचे रहने वाले लोग राशन डिपोओ के दिन में चार-चार बार काट रहे है चक्कर

जालंधर,सरकार गरीबो के साथ यह मजाक क्यों कर रही है हम चार-चार दिन अगर पर्ची कटवाने के चक्कर में बर्बाद कर देंगे तो अपने बच्चों का पालन पोषण कैसे करेंगे।खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को यह समस्या के बारे में ज्ञान होने के बाबजूद भी वो चुप क्यों है गेंहू की पर्ची निकालने वाली ई पॉश मशीनों की समस्या हल क्यों नही करवा रहे।उन्होंने सरकार से मांग की है कि अगर ई पॉश मशीनों से हमारी पर्ची नही काटी जा रही तो हमारे आधार कार्ड नंबर लेकर हमे गेंहू वितरित की जाए।मार्किट में आटा 30 रु किलो के हिसाब से बिक रहा है जो हमारी पहुंच से बाहर है।एक दो दिन तो हमारे बच्चे एक वक्त का खाना खाकर ही सो जाते है क्योंकि हमें अभी तक गेंहू की सप्लाई नही मिली इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री और खाद्य आपूर्ति विभाग के राज्यमंत्री तरुन्त ई पॉश मशीनों को ठीक करवाए तांकि इनको हमे गेंहू की पर्ची मिल सके जिससे हमें गेंहू मिलने के बाद अपने बच्चों को रोटी दे सके। लाभपात्री राज कुमार,राम नरेष,उर्मिला देवी,विजय कुमार,राज कुमारी,राम चरन,गुरबचन,ओम प्रकाश,किरपा राम,राम सरूप ने कहा कि हम पिछले 20 दिनों से राशन के डिपोओ के चक्कर लगा रहे है और हमारी गेंहू की पर्ची नही काटी जा रही उन्होंने कहा कि जब भी हम अपनी गेंहू की पर्ची कटवाने जाते है तो राशन डिपो होल्डर द्वारा हमे जवाब मिलता है कि पीछे से ही ई पॉश मशीने बंद है।उन्होंने कहा कि कुछ लाभपात्री तो डिपो होल्डरों के साथ गाली गलौच भी करते है कि हमारी पर्ची काटी जाए परन्तु डिपो होल्डर का क्या कसूर अगर पीछे से ही मशीन नही चल रही।उन्होंने कहा कि हम दिहाड़ी लगाते है और 4-5 चक्कर पर्ची के लिए लगा चुके है परन्तु हमारी पर्ची नही कटी गई।

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