भारत में कोरोना के मामले अभी धीमी गति से बढ़ रहे हैं हालांकि सर्दियों का मौसम शुरू होने के साथ ही कोविड जैसे लक्षणों वाली और बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं. दिवाली से पहले ठंडे हुए मौसम के चलते अस्पतालों में इस बार कोरोना के मामले काफी कम हैं लेकिन इन्फ्लूएंजा यानि फ्लू और सुपर कोल्ड के मरीज बढ़ रहे हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के बाद से कमजोर हुए रेस्पिरेटरी सिस्टम के चलते फ्लू और सुपर कोल्ड जैसी बीमारियां भी खतरनाक होती जा रही हैं इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में रेस्पिरेटरी एंड क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट डॉ. राजेश चावला कहते हैं कि इस समय कोरोना के मामले काफी कम हैं लेकिन आती सर्दियों के कारण इन्फ्लूएंजा और कॉमन कोल्ड या सुपर कोल्ड का संक्रमण बढ़ गया है. खासतौर पर सर्दियां शुरू होते ही या थोड़ा सा सर्द-गर्म होते ही ये दोनों बीमारियां बच्चों को जल्दी चपेट में लेती हैं. खास बात यह है कि फ्लू और सुपर कोल्ड कभी-कभी कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो जाता हैं और मरीज को वेंटिलेटर तक पहुंचा देता हैं.