इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब आदिपुरुष फिल्म पर अपना हथौड़ा चलाया है। हाईकोर्ट ने फिल्म पर रोक लगाने वाली याचिका को लेकर सुनवाई शुरू की और जमकर फिल्म के निर्माताओं और लेखक के साथ डायलॉग राइटर मनोज मुंतशिर के दिमाग ठिकाने लगाने वाली डांट लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कड़ा रुख अपनाते हुए सेंसर बोर्ड तक को फटकार सुनाते हुए पूछा है कि आखिर फिल्म के निर्माता इस फिल्म के जरिए कहना क्या चाहते हैं और दिखाना क्या चाहते हैं। हाईकोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं से कहा है कि आपने डिस्क्लेमर देकर ये समझ लिया कि देश की जनता बेवकूफ है। उसे कुछ समझ में नहीं आता? कोर्ट ने कहा न केवल रामायण बल्कि पवित्र कुरान, गुरु ग्रंथ साहिब और गीता जैसे धार्मिक ग्रंथों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ करने से बचना ही चाहिए। क्योंकि इन धर्म पुस्तकों पर किसी एक समुदाय की नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था है।