जालंधर, (विशाल /रोजाना आजतक)-नवरात्र को लेकर बाजार फिर से ग्राहकों की आमद के साथ गुलजार हो चुके हैं। इस चहल-पहल में कोरोना से जुड़े नियमों को दरकिनार किया जा रहा है। अधिकतर बाजारों में शारीरिक दूरी के नियम की धज्जियां उड़ ही रही हैं। कोरोना वायरस को लेकर सरकारी गाइडलाइंस का पालन भी नहीं किया जा रहा है। नतीजतन, करोना वायरस संक्रमण फैलने का खतरा पैदा हो गया है।कोरोना वायरस महामारी से लोगों की सुरक्षा करने के लिए सरकार ने 22 मार्च को लॉकडाउन और 23 मार्च से कर्फ्यू लगाने के निर्देश दिए थे। कोरोना की स्थिति नियंत्रित होने के बाद शुरू की गई अनलॉक प्रक्रिया में कई तरह की मार्केट खोलने की इजाजत दी गई थी। अनलॉक 5 में सभी तरह के बाजार खोलने के साथ-साथ रविवार का कर्फ्यू भी बंद कर दिया था। सरकार की इस राहत के बाद अधिकतर कारोबारी तमाम बंदिशों से आजाद हो गए। इसके बाद से लेकर बाजारों में लगातार लोगों की भीड़ बढ़ रही है। जहां पर प्रशासनिक नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।नवरात्र के साथ ही त्योहारी सीजन भी शुरू होने जा रहा है। दशहरा तथा दीपावली को लेकर शहर के लगभग सभी बाजारों में लोगों की भीड़ बढ़ेगी। जबकि, भीतरी इलाकों में जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन द्वारा सख्ती ना किए जाने के चलते नियम टूटते हैं। इस पर कंट्रोल करने के लिए विभाग के पास कोई योजना नहीं है। बाजारों में आने वाले लोग ही नहीं बल्कि दुकानदार भी मुंह पर मास्क लगाने से कतरा रहे हैं। शहर के रैनक बाजार, शेखां बाजार, कलां बाजार, गुड मंडी व सब्जी मंडी सहित अधिकतर इलाकों में दुकानदार बिना मास्क पहने कारोबार को अंजाम दे रहे हैं यही स्थिति अब ग्राहकों की भी होती जा रही है।