कश्मीर मसले पर पाकिस्तान की बेकार जिद ने उसे कहीं का नहीं छोड़ा है। उसके दशकों पुराने मित्र सऊदी अरब ने भी अब उसका साथ छोड़ दिया है और बात यहां तक आ गई है कि उसने पाकिस्तान को तेल और कर्ज देना बंद कर दिया है। कश्मीर मसले पर इस्लामिक सहयोग संगठन से समर्थन नहीं मिलने पर पाकिस्तान का सऊदी अरब को धमकाना अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारना साबित हो गया। अब सऊदी ने न सिर्फ पैसे और तेल देना बंद कर दिया है, बल्कि उसने वसूली भी शुरू कर दी है। यही वजह है कि पाकिस्तान को इसी महीने सऊदी अरब को 1 अरब डॉलर का कर्ज लौटाना पड़ा।
दरअसल, जबसे भारत ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाया है, तब से पाकिस्तान बौखला गया है। पाकिस्तान हर जगह कश्मीर मसला उठाना चाहता है। यही वजह है कि पाकिस्तान सऊदी अरब पर भी काफी समय से कश्मीर मसले पर इस्लामिक सहयोग संगठन की बैठक बुलाने का दबाव बनाता आ रहा है। इसी साल फरवरी में पाकिस्तान ने सऊदी अरब से इस्लामिक सहयोग संगठन की बैठक बुलाने को कहा था, मगर सऊदी अरब ने ऐसा करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद से पाकिस्तान आग-बबूला हो गया है और अनाब-शनाब बयानबाजी कर रहा है। बता दें कि स्लामिक सहयोग संगठन यानी ओआईसी 57 मुस्लिम देशों का एक समूह है जिसमें सऊदी अरब का दबदबा है। संयुक्त राष्ट्र के बाद ओआईसी दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा संगठन है।