बिहार में इसी साल चुनाव है. अक्तूबर-नवंबर में इसका ऐलान हो सकता है. नीतीश कुमार संभवत: अपना आखिरी चुनाव लड़ने जा रहे हैं. ऐसे में उनके लिए ये बड़ी लड़ाई है. मगर बिहार में उनका विजय रथ रोकने के लिए तेजस्वी यादव से लेकर प्रशांत किशोर तक मैदान में हैं. चुनावी साल के बजट से एक तरफ जनता को उम्मीदें ज्यादा होती हैं तो विरोधी सरकार पर ज्यादा से ज्यादा ऐलान करने का दबाव डालते हैं. ये बिहार में भी दिखा. बजट पेश होने से पहले तेजस्वी यादव से लेकर राबड़ी देवी तक एक्टिव हो गईं.
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकार से महिलाओं को प्रतिमाह 2500 रुपये देने की मांग कर दी. बिहार विधानमंडल के बजट सत्र की सोमवार की कार्यवाही शुरू होने के पहले ही विपक्ष के विधायकों ने विधानमंडल परिसर में प्रदर्शन किया. विपक्षी विधायकों ने हाथों में पोस्टर और तख्तियों लिए कहा कि इस बजट से उन्हें ज़्यादा उम्मीद नहीं है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि बिहार की महिलाओं और युवाओं के लिए क्या खास है? क्या सरकार 200 यूनिट बिजली मुफ्त देगी? बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा के तहत वृद्धा पेंशन को 1500 रुपये करना चाहिए. इसके अलावा जो गैस सिलेंडर 1200 रुपये में मिल रहा है, उसे 500 रुपये प्रति सिलेंडर करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी महिलाओं को, चाहे वे किसी भी वर्ग और धर्म की हों, सरकार को 2500 रुपये प्रति महीना पेंशन देना होगा. लोगों को 200 यूनिट बिजली फ्री देना होगा. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने यह भी कहा कि सरकार बजट में जनता को भ्रमित करने का काम नहीं करेगी. तेजस्वी यादव भी अपनी मां के साथ बढ़-चढ़कर सरकार को घेरने में लगे रहे.