लखनऊ, बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर और उत्तराधिकारी से हटाने के ठीक एक दिन बाद ही पार्टी से भी निकाल दिया है। उन्होंने सोमवार को स्वयं एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। मायावती ने आकाश के पोस्ट आने के पांच घंटे बाद यह कार्रवाई की है।
मायावती ने कहा है कि डा. भीमराव अंबेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान मूवमेंट के हित और कांशीराम की अनुशासन की परम्परा को निभाते हुए उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ की तरह पार्टी व मूवमेंट के हित में आकाश को भी निकाल जा रहा है। उन्होंने कहा है कि बसपा राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में रविवार को आकाश आनंद को पार्टी हित से अधिक अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में लगातार बने रहने के कारण सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया था। आकाश को इसका पश्चताप कर अपनी परिपक्वता दिखानी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत उसने जो अपनी लम्बी-चौड़ी प्रतिक्रिया दी है। वह उसके पछतावे व राजनीतिक परिवक्वता का नहीं, बल्कि उसके ससुर के प्रभाव वाला ज्यादातर स्वार्थी, अहंकारी व गैर-मिशनरी है। इससे बचने की सलाह मैं पार्टी के ऐसे सभी लोगों को देने के साथ दंडित भी करती रही हूं। मायावती ने आकाश आनंद को निकालने संबंधी पोस्ट सोमवार शाम 4.58 पर की है।
आकाश आनंद ने सोमवार को 11.44 बजे एक्स पर एक पोस्ट लिखी। उसमें आकाश आनंद ने सफाई देते हुए लिखा-‘मैं मायावती का कैडर हूं और उनके नेतृत्व में मैने त्याग, निष्ठा व समर्पण के कभी न भूलने वाले सबक सीखे हैं। ये सब मेरे लिए केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य है। ‘बहन जी का हर फैसला मेरे लिए पत्थर की लकीर के समान है। मैं उनके हर फैसले का सम्मान करता हूं उस फैसले के साथ खड़ा हूं। उनके द्वारा मुझे पार्टी के सभी पदों से मुक्त करने का निर्णय मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से भावनात्मक है, लेकिन साथ ही अब एक बड़ी चुनौती भी है, परीक्षा कठिन है और लड़ाई लंबी है। ऐसे कठिन समय में धैर्य और संकल्प ही सच्चे साथी होते हैं। बहुजन मिशन और मूवमेंट के एक सच्चे कार्यकर्ता की तरह, मैं पार्टी और मिशन के लिए पूरी निष्ठा से काम करता रहूंगा और अपनी आखिरी सांस तक अपने समाज के हक की लड़ाई लड़ता रहूंगा।