नागपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर हादसे में मौत के बाद पत्नी का शव बदहवास अवस्था में बाइक से 80 किलोमीटर तक ले जाने वाला नागपुर का युवक सदमे से उबर नहीं पा रहा है। 19 साल की बेटी नीतू 12वीं कक्षा में है। बेटी के सिर से मां का साया छिन चुका है। वहीं, आंखों के सामने ट्रक की टक्कर से पत्नी की मौत से मिला दर्द अमित शायद ही कभी भूल पाए, लेकिन हाईवे पर किसी से मदद न मिलने की संवेदनहीनता ने उसे झकझोर दिया है।
वह सदमे में है। अमित का कहना है कि हादसे के बाद वह सड़क पर खड़ा होकर आने-जाने वालों से मदद की गुहार लगाता रहा। सबको इंसानियत का वास्ता दिया, पर कोई नहीं पिघला। आधे घंटे मदद मांगने के बाद उसने पत्नी के शव को बाइक से बांधा और नागपुर में लोनारा स्थित घर लौट गया। हादसे के दो दिन बाद भी पुलिस टक्कर मारने वाले ट्रक का पता नहीं लगा सकी है।