पहलगाम आतंकी हमले का पैटर्न मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमले जैसा है. जब आतंकी आते हैं, नाम-धर्म और जाति पूछते हैं और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगते हैं. पहलगाम में तो आतंकियों ने टूरिस्टों को कलमा पढ़ने तक को कहा. यह तरीका आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) का है, जिसे अब लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने भी अपना लिया है. इसी तरह उन्होंने जम्मू कश्मीर में कई वारदातों को अंजाम दिया. माना जा रहा है कि आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा को बाधित करने के लिए यह कोशिश की है.
आतंकियों ने सेब के बाग में काम कर रहे सुनील भट्ट का पहले नाम पूछा और गोलियों से भून दिया. तब माना गया कि आतंकी कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाने के लिए ऐसा कर रहे हैं. उस वक्त कई कश्मीरी पंडितों को कत्ल किया गया.