एक ब्रिटिश महिला के जीवन में अजीब मोड़ तब आया जब वह स्ट्रोक से उबरने के बाद अचानक चीनी लहजे में बोलने लगीं. इस दुर्लभ स्थिति को ‘फॉरेन एक्सेंट सिंड्रोम’ कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति का बोलने का तरीका किसी विदेशी भाषा के लहजे जैसा हो जाता है, भले ही उसने वह भाषा कभी न सीखी हो. महिला ने बताया कि स्ट्रोक के बाद उनकी आवाज में अचानक बदलाव आ गया, और वह चीनी लहजे में बोलने लगीं. इस बदलाव ने न केवल उन्हें बल्कि उनके आसपास के लोगों को भी चौंका दिया. कुछ लोगों ने तो इसे ‘भूत-प्रेत का असर’ मानते हुए उन्हें झाड़-फूंक कराने की सलाह दी.
डेली मेल के अनुसार, सारा कोलविल 35 वर्ष की थीं, जब 2010 में उनका अपना डेवन उच्चारण रातों-रात गायब हो गया और उनके नए उच्चारण के कारण उन्हें नस्लीय दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा. उनका मामला दुनिया में विदेशी उच्चारण सिंड्रोम (FAS) के केवल 100 ज्ञात मामलों में से एक है.