जम्मू-कश्मीर को मानो किसी की नजर लग गई है. जहां पूरा भारत भीषण गर्मी का सामना कर रहा है, यहां कुदरत का अलग कहर बरस रहा है. मूसलाधार बारिश ने लोगों को जीना मुहाल कर दिया है. सड़कों और घाटियों में पानी बहती हुई दिख रही हैं. कई घर जमींदोज हो गए है. खबर लिखे जाने तक 3 लोगों की मौत की सूचना आई थी. वहीं, रामबन में बादल फटने और भूस्खलन की भी खबर आ रही है.
बताते चलें कि रामबन जिला इन दिनों भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है. लगातार हो रही मूसालाधार बारिश ने जन जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. जिले के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बारिश के साथ हो रहे भूस्खलन ने हालात और भी बदतर कर दिए हैं.
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) जो इस क्षेत्र की जीवन रेखा मानी जाती है, अब कीचड़ और गिरते पत्थरों के कारण कई जगहों पर पूरी तरह बंद हो चुका है. इससे यातायात ठप हो गया है और सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं. जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर भी असर पड़ रहा है, जिससे संकट और गहराता जा रहा है. कई घरों में पानी घुस चुका है. बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमार लोगों के लिए स्थिति और भी चिंताजनक है.