केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पेश कर दिया. राज्यसभा में यह गुरुवार को पेश किया जाएगा. इस विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ गया है. सरकार इसे पारित कराने के लिए तैयार है, वहीं विपक्ष इसे असंवैधानिक बता रहा है. दोनों सदनों में इस पर 8-8 घंटे की चर्चा होगी. चर्चा के दौरान नीतीश कुमार के सांसद ललन सिंह ने कहा, वक्फ बिल पर भ्रम फैलाया. बिल में सभी के साथ न्याय होगा. बिल में ऐसा कुछ भी नहीं है जो मुस्लिम विरोध दिखाता हो. उन्होंने ये भी कहा कि अगर आपको मोदीजी का चेहरा देखना पसंद नहीं तो मत देखिए मोदी की ओर.
इसी बीच डीएमके सांसद ए राजा ने सरकार से पूछा कि आपको मुस्लिमों से जुड़ा इतना महत्वपूर्ण बिल पेश करना था, लेकिन एक भी मुस्लिम सांसद नहीं मिला जो इस बिल को पेश कर सके. उन्होंने कहा, रिजिजू इतनी बेतुकी कहानी कहने की हिम्मत कहां से मिली? अगर उन्होंने जो कुछ कहा वह जेपीसी रिपोर्ट से मेल खाता है, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा. जेपीसी ने तमिलनाडु का दौरा किया और वक्फ संपत्तियों पर आपकी कहानी को ध्वस्त कर दिया. उन्हें इस बिल को पेश करने के लिए एक भी मुस्लिम सांसद नहीं मिला. आज यह तय होगा कि देश इस देश के धर्मनिरपेक्ष मूल सिद्धांतों पर चलेगा या सांप्रदायिक ताकतों पर.