सीचेवाल मॉडल न केवल पानी के दोबारा प्रयोग का मॉडल बल्कि एक बहुउद्देश्यीय मॉडल : संत सीचेवाल

जालंधर, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पंचायतों के बारे में अन्य पंचायतों को अवगत करवाने के लिए जिला परिषद की सीईओ जीनत खैहिरा के नेतृत्व में जालंधर जिले के नकोदर और नूरमहल ब्लॉक के 30 गांवों के सरपंचों ने सीचेवाल मॉडल का निरीक्षण किया।

इस मौके पर राज्यसभा सदस्य और सीचेवाल मॉडल के संस्थापक संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने निर्मल कुटिया में इन सरपंचों और पंचायत विभाग के अधिकारियों का स्वागत किया।उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान राज्य की पंचायती राज प्रबंध को मजबूत करने और पंजाब के समग्र विकास के लिए वचनबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि सीचेवाल मॉडल केवल पानी के दोबारा प्रयोग का मॉडल ही नहीं , बल्कि एक बहुउद्देश्यीय मॉडल है।

टीम ने तलवंडी माधो गांव में अपग्रेड किए सीचेवाल मॉडल-2 का मौक़े पर जाकर दौरा किया, जिसे आज के समय अनुसार तैयार किया गया है।1999 में बने इस मॉडल के बारे में बताते हुए संत सीचेवाल ने कहा कि यह मॉडल प्रकृति के अनुकूल होने के साथ सस्ता भी है।उन्होंने कहा कि इस मॉडल के तहत गांव की जरूरतों के अनुसार तालाबों का निर्माण किया जाता है ताकि पूरे गांव का गंदा पानी बिना किसी मोटर के प्राकृतिक प्रवाह के माध्यम से एक जगह आ जाए। फिर इसे साईकलोन विधि के अनुसार घुमाया जाता है और पानी को तालाब में एकत्रित कर कृषि कार्य में उपयोग किया जाता है।

संत सीचेवाल ने यह भी जानकारी दी कि खेतों में वर्षा जल का प्रयोग कैसे किया जाए और ठोस कचरे से लिफाफे, कांच आदि को कैसे अलग किया जाए और खाद को उर्वरक में कैसे बदला जाए।इस बीच अवतार कम्युनिटी रेडियो पर सथ प्रोग्राम के दौरान विभिन्न गांवों के सरपंचों के साथ विचार- विमर्श किया गया।इस मौके पर गांव सीचेवाल के सरपंच तजिंदर सिंह, पंचायत सदस्य सुरजीत सिंह शंटी, पंचायत सदस्य राम आसरा, महिला मंडल प्रधान गुरबख्श कौर मौजूद रहे।

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