जालंधर, (संजय शर्मा)- स्माल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ़ इंडिया (सिडबी ) के महाप्रबंधक व चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय के क्षेत्रीय प्रमुख बलबीर सिंह ने आज यहां राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला की उपस्थिति में अनुसूचित जाति / जनजाति के उद्यमियों के लिए नयी सुगम सावधि ऋण योजना ‘साथ’ की घोषणा की |योजना की घोषणा के अवसर पर सांपला ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए बहुत उदारता से नई-नई योजनाएं ला रही है | इसी उद्देश्य से यह ऋण योजना लायी जा रही है | प्रधानमंत्री के ध्यान में इन वर्गों के लोगों का कल्याण सर्वोपरि है | इसी मंतव्य के तहत सिडबी की ये ऋण योजना लायी जा रही है जिसका लाभ उद्यमी अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए निश्चित रूप से ले सकेंगे|सांपला ने कहा कि सिडबी की इस ऋण योजना ‘साथ’ का लाभ देश भर के अनुसूचित जाति / जनजाति के उद्यमी उठा सकेंगे | वह सिडबी प्रबंधन के आभारी हैं कि उन्होंने विशेष तौर पर होशियारपुर जिले व फगवाड़ा (कपूरथला जिला) के उद्यमियों को ये ऋण उपलब्ध करने का उनका आग्रह मान लिया |बैंक के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर सिवसुब्रमणियन रमण 28 दिसंबर को होशियारपुर में इस योजना के तहत होशियारपुर में एक कार्यक्रम में उक्त वर्गों के पात्र ऋण आवेदकों को ऋण पत्र प्रदान करेंगे |कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विजय सांपला होंगे | इस अवसर पर 500 से ज्यादा उद्यमियों के पहुंचने की संभावना है जो इस ऋण योजना का लाभ उठा सकेंगे |बलबीरसिंहने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय लघुउद्योग विकास बैंक (सिडबी) की इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति / जनजाति के उद्यमी नयी इकाई की स्थापना अथवा पहले से स्थापित यूनिट के विस्तार या आधुनिकीकरण के लिए ऋण ले सकेंगे | पहले से स्थापित और उत्पादन में संलग्न अथवा सेवाक्षेत्र की इन मझौली व् छोटी इकाइयों की स्थापना, विस्तार अथवा आधुनिकीकरण के लिए या इनकी अन्य पूंजीगत जरूरतें पूरी करने के लिए दिए जाने वाले कर्जे पर ब्याज की दर बहुत सुगम होगी | ऋण लेने वाला उद्यमी 25 लाख रुपए से 3 करोड़ रुपए तक कर्जा ले सकेगा जिसे अधिकतम 7 वर्ष की अवधि में चुकाना होगा |ऋण लेने के पात्र जो उद्यमी कोलेट्रल सिक्योरिटी देने में असमर्थ हैं उन्हें सिडबी सीजीटीएमएसई (क्रेडिट गारन्टी फण्ड फार माइक्रो एंड स्माल इंटरप्राइजेज) के माध्यम से सिक्योरिटी की यह राशि उपलबध कराएगी |इसी तरह सीजीटीएमएसई की प्रोसेसिंग फीस का 50 % भी सिडबी ही देगा |