डॉ. गुरचरण कौर कोचर एवं मनजीत राय ‘केवल विग अवार्ड-2022 से सम्मानित

जालन्धर, (संजय शर्मा)- पंजाबी की प्रसिद्ध शायरा डॉ. गुरचरण कौर कोचर एवं प्रवासी वार्तक लेखिका मनजीत राय (यू.एस.ए.) का ‘केवल विग अवार्ड-2022Ó बतौर सर्वश्रेष्ठ शायरा तथा सर्वश्रेष्ठ लेखिका के तौर पर सम्मानित किया गया।
साहित्य प्रेमी तथा प्रमुख पत्रकार, सम्पादक श्री केवल विग की 30वीं पुण्यतिथि के अवसर पर देश भगत यादगार हाल में आयोजित एक समारोह में यह अवार्ड प्रदान किये गये। समारोह की शुरूआत शमां प्रज्ज्वलित कर की गई। भाई हरजिन्द्र सिंह, रणजीत सिंह, अमित एवं रिहाना भट्टी ने धार्मिक व साहित्यक गीतों की प्रस्तुति की। गायक सुनील कुमार शर्मा, अक्षय भाटिया एवं सुरिन्द्र गुलशन ने डॉ. गुरचरण कौर कोचर की गजलों का बाखूबी गायन कर उपस्थिति को मंत्रमुग्ध किया।
समागम के मुख्य अतिथि पूर्व आई.जी. एवं अमृतसर नॉर्थ से आम आदमी पार्टी के विधायक डॉ. कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपने सम्बोधन में स्वर्गीय श्री केवल विग को श्रद्धांजलि भेंट करते हुए कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी सेवाओं को कभी भुलाया नहीं जा सकता और उन्होंने अपनी कलम द्वारा समाज को अच्छी सेध दी। विधायक डॉ. कुंवर विजय प्रताप ने आईलैट्स कर युवकों की विदेश जाने की रुचि पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मात्-भाषा के साथ भी जीवन के उद्देश्य हासिल किये जा सकते हैं, दृढ़ संकल्प की ही सिर्फ अवश्यकता है, अब आई.ए.एस., आई.पी.एस. इत्यादि भी क्षेत्रीय भाषाओं के माध्यम से बना जा सकता है।
पूर्व राजदूत श्री रमेश चंद्र ने श्री केवल विग को दूरअंदेश पत्रकार बताते हुए कहा कि इस अवार्ड ने साहित्यक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित की हुई है। भाजपा किसान मोर्चा पंजाब के नेता सतनाम बिट्टा, जो विशेष मेहमान के तौर पर उपस्थित थे, ने कहा कि केवल विग एक महान शख्सियत थे, जिनकी पुण्यतिथि हर वर्ष अवार्ड समागम के तौर पर मनाई जाती है। भाषा विभाग के पूर्व डायरैक्टर चेतन सिंह, डॉ. जगदीश चंद्र जोशी प्रिंसीपल रिटायर्ड, ओम प्रकाश खेमकरणी पूर्व सदस्य प्रैस कौंसिल आफ इंडिया, जसपाल सिंह कपूर पूर्व पार्षद, राजिन्द्र गिल अध्यक्ष डैमोक्रेटिक भारतीय समाज पार्टी एवं कमल सहगल पूर्व जिला अध्यक्ष यूथ कांग्रेस, अध्यक्षता मण्डल में उपस्थित थे।केवल विग फाऊंडेशन के प्रमुख जतिन्द्र मोहन विग ने सभी मेहमानों का स्वागत करते हुए बताया कि अब तक यह अवार्ड हासिल करने वाले लेखकों की गिनती 61 हो गई है। इस अवसर पर शहर के प्रमुख बुद्धिजीवी, वकील, पत्रकार, अध्यापक, प्रोफैसर, प्रिंसीपल, डॉक्टर व पार्टियों के नेता उपस्थित थे।

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