महीने के सर्टिफिकेट प्रोग्राम के द्वारा विद्यार्थी जानेंगे संस्कृत भाषा का महत्व: प्रो. अतिमा शर्मा द्विवेदी

 

भारत की विरासत एवं ऑटोनॉमस संस्था, कन्या महा विद्यालय, जालंधर सदा अपनी छात्राओं के सर्वपक्षीय विकास के लिए प्रतिबद्ध है. संस्था के द्वारा समय-समय पर कई ऐसे प्रोग्राम एवं कक्षाओं को आयोजित किया जाता रहता है जिससे छात्राओं को ना केवल शिक्षित किया जा सके बल्कि उन्हें रोज़गार प्राप्त करने के सक्षम भी बनाया जा सके. इसी श्रंखला में एक और नई पहलकदमी करते हुए कन्या महा विद्यालय के द्वारा सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली के सहयोग से संस्कृत स्पीकिंग कक्षाओं की शुरुआत की जा रही है. इस संबंध में और अधिक जानकारी देते हुए विद्यालय प्रिंसिपल प्रो. अतिमा शर्मा द्विवेदी ने बताया कि 6 महीने का यह सर्टिफिकेट प्रोग्राम उन सभी विद्यार्थियों के लिए एक स्वर्णिम अवसर है जो संस्कृत भाषा का ज्ञान हासिल करते हुए भारतीय परंपराओं एवं संस्कृति के रूबरू होना चाहते हैं उन्होंने बताया कि विद्यार्थी, प्राध्यापक एवं विद्यालय से बाहर के इच्छुक लोगों के लिए नि:शुल्क यह कोर्स जहां उन्हें रोज़गार प्राप्ति के काबिल बनाने में सहायक साबित होगा वहीं साथ ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोज़गार की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करने के इलावा आयुर्वेद के दिलचस्प ज्ञान को हासिल करने तथा भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को गहराई से समझने में भी मददगार साबित होगा. आगे बात करते हुए उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा के उत्थान के लिए पूर्ण गंभीरता के साथ काम कर रही सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी के साथ कन्या महाविद्यालय की यह कोलैबोरेशन अपने आप में बेहद गर्व का विषय है तथा इससे यकीनन ही विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा को समझने के लिए एक विशेष मार्ग प्राप्त होगा. संस्कृत भाषा को भारतीय चिकित्सा प्रणाली, दर्शन, धर्म, काव्य आदि का मज़बूत आधार बताते हुए उन्होंने इस सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए चल रही रजिस्ट्रेशन में अपना नाम दर्ज कराने करवा कर सभी को ज्यादा से ज्यादा लाभ प्राप्त करने की अपील की. इसके साथ ही उन्होंने डॉ. नीरज शर्मा तथा डॉ. लवलीन के द्वारा किए जा रहे हैं प्रयत्नों की भी भरपूर प्रशंसा की.

 

 

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