एच.एम.वी. कॉलेजिएट स्कूल में भौतिकी के क्षेत्र में नवीन प्रगति विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

एच.एम.वी. कॉलेजिएट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्राचार्या प्रो. डॉ. (श्रीमती) अजय सरीन के योग्य दिशा-निर्देशन अधीन भौतिकी के क्षेत्र में नवीन उन्नति विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स (आईएपीटी-आर सी-2) के सौजन्य से आयोजित किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य नवीन तकनीकों के माध्यम से विज्ञान के प्रति अपने जनून, रुचि एवं आलोचनात्मक सोच को छात्राओं में जागृत करना रहा। सम्मेलन का शुभारंभ सर्वमंगल कामना हेतु गायत्री मंत्र के गायन एवं प्रकाश की ज्योति प्रज्ज्वलित कर किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्यातिथि स्वरूप उपस्थित प्रो. विनोद कन्नौजिया, डायरेक्टर एनआईटी, जालंधर का स्वागत सम्मेलन की डायरेक्टर प्राचार्या डॉ. अजय सरीन एवं सम्मेलन की कनवीनर श्रीमती मीनाक्षी स्याल द्वारा संस्था की परंपरा का निर्वाह करते हुए प्लांटर भेंट कर किया गया। श्रीमती मीनाक्षी स्याल, स्कूल कोआर्डिनेटर ने इस राष्ट्रीय सम्मेलन को आयोजित करने के उद्देश्य का संक्षिप्त परिचय देते हुए कहा कि इनका उद्देश्य नवोदित वैज्ञानिकों को अपने विचारों एवं रचनात्मक कार्यों के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के लिए मंच प्रदान करना एवं छात्राओं को भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करने और समाधानों को प्रस्तुत एवं उस पर चर्चा करने का अवसर प्रदान कर उनके मनोबल को उजागर करना रहा। प्राचार्या डॉ. अजय सरीन ने युवा प्रतिभागियों और गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया एवं कार्यक्रम की संयोजिका एवं उनकी टीम को इस समारोह को सफलतापूर्वक आयोजित करने पर बधाई दी एवं कहा कि विज्ञान का जुनून सभी वैज्ञानिक तर्कों का अभिन्न अंग है। विज्ञान हमारी बौद्धिक क्षमता को प्रदर्शित करता है तथा छात्राओं के मानसिक विकास में सहायक होता है और युवाओं की वैज्ञानिक सोच देश को नई दिशा प्रदान करती है। उन्होंने शिक्षकों एवं अभिभावकों को संदेश दिया कि वे छात्राओं की रचनात्मकता को समाप्त न करें बल्कि उन्हें प्रोत्साहित करें। उन्होंने छात्राओं को कुछ नया सीखते हुए दो महत्वपूर्ण सीख देते हुए कहा कि कभी भी मन में कोई भी भ्रम न छोड़ें एवं हमेशा सकारात्मक सोच को अपनाते हुए जीवन में हमेशा कुछ नया सीखें व अपने देश, संस्था व माता पिता का नाम रौशन करें। इस अवसर पर डॉ. जसविंदर सिंह, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित प्रेजीडेंट आईएपीटी-02 ने आईएपीटी के विषय में बताते हुए कहा कि इसकी स्थापना स्कूल, कालेज एवं विश्वविद्यालयों में भौतिकी शिक्षण व सीखने की गुणवत्ता को उन्नत करना है। मुख्यातिथि प्रो. विनोद कन्नौजिया ने कहा कि देश की उन्नति एवं विकास के लिए नवीन प्रयोग करते रहना चाहिए और दैनिक जीवन की छोटी-छोटी वस्तुओं एवं अनुभवों के माध्यम से ही हम सब कुछ सीख सकते हैं। उन्होने छात्राओं को अपनी योग्यता को पहचानते हुए अपने आत्मविश्वास को कायम रखने को प्रेरित किया। प्रोफेसर पी.के. आहलूवालिया, प्रेजीडेंट आईएपीटी ने ऑनलाइन रहकर छात्राओं को शुभाषीष दिया। इस अवसर पर समानान्तर रूप से सात सत्र सफलतापूर्वक चले जिमसें पंजाब के विभिन्न जिलों जैसे बठिंडा, बरनाला, फिरोजपुर, मुक्तसर, लुधियाना, नवांशहर, अमृतसर, कपूरथला, गुरदासपुर, पटियाला, पठानकोट एवं होशियापपुर से कुल 36 संस्थाओं से लगभग 170 प्रतिभागियों ने पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता एवं विभिन्न विषयों जैसे फिजिक्स इन रोबोटिक्स, एप्लीकेशन आफ नैनोटेक्नालोजी, फिजिक्स इन किचन, रोल आफ इसरो इन डिवेलपमैंट आफ इंडिया, फिजिक्स एंड सपेक्ट्रोसकोपी आदि विषयों पर पेपर प्रस्तुत किए। इस अवसर पर जजों की भूमिका श्री आशीष , पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल, जालंधर, श्री राजन टंडन, पीजीटी साईं दास ए.एस.सीनीयर सैकेंड्री स्कूल जालंधर, श्री नवनीत अंगारा, पीजीटी आनंद पब्लिक स्कूल, कपूरथला, प्रो. राजेश कुमार, फिजिक्स विभाग, लवली प्रोफैशनल यूनिवर्सिटी, ,डॉ. मनोज कुमार, असिस्टैंट प्रोफैसर इन फिजिक्स एस.डी. कालेज बरनाला, डा. के.एस. मान, फिजिक्स विभाग, डीएवी कालेज बठिंडा, डॉ. शरणजीत संधू, एसोसिएट प्रोफैसर इन फिजिक्स डीएवी कालेज जालंधर, श्रीमती सीमा चोपड़ा प्राचार्या गर्वमेंट गल्र्स सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल, उग्गी ने निभाते हुए पोस्टर प्रतियोगिता में कॉलेजिएट श्रेणी में प्रभनूर बसरा ने पहला, साहिबजोत सिंह ने दूसरा, रमनीक कौर एवं कोमल मेहरा ने तीसरा स्थान प्राप्त किए एवं गुरजोत सिंह ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। कालेज श्रेणी में मुस्कान ने पहला, जिया ने दूसरा, सिद्धांत सिसोदिया ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। उभरते वैज्ञानिक श्रेणी में कालेज श्रेणी के अंतर्गत सोनमप्रीत कौर ने पहला, कृष्ण कुमार ने दूसरा एवं प्रभजोत कौर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। कॉलेजिएट श्रेणी में अर्जुन वीर सिंह ने पहला, महम एवं सहजप्रीत कौर ने दूसरा एवं खुशमेहर संधु एवं जैसिका कौर ने तीसरा स्थान एवं अर्पिता शर्मा एवं अर्चना मिश्रा ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। विदाई सत्र में मुख्यातिथि स्वरूप उपस्थित होकर मेजर अमित सरीन, एडीसी जनरल जालंधर, डॉ. जसविंदर सिंह, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित आईएपीटी आरसी-2 प्रैजीडेंट, डॉ. राजीव शर्मा, सेक्रेटरी आईएपीटी आर सी-2, असिस्टैंट प्रोफेसर पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लुधियाना का प्राचार्या डॉ. अजय सरीन ने प्लांटर भेंट कर हार्दिक अभिनंदन किया। मुख्यातिथि मेजर अमित सरीन एडीसी जनरल ने कहा कि विज्ञान का विकास हमारे देश के गौरव और शान का प्रतीक है जो छात्राओं का सर्वांगीण विकास करते हैं। अंत में उन्होंने छात्राओं के रचनात्मक कार्यों की तहे दिल से प्रशंसा की। सत्र के अंत में आए हुए प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय सम्मेलन के यादगार अनुभवों को सांझा करते हुए कॉलेज की प्रशंसा की। इस अवसर पर विजयी छात्राओं को प्रशंसा पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया एवं भविष्य हेतु शुभाषीष दिया गया। मंच संचालन श्रीमती अंजना भाटिया ने किया। धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती मीनाक्षी स्याल ने ज्ञापित किया। समागम का अंत राष्ट्रगान से किया गया।

 

 

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