ऊनी कपड़े हीट कंडक्टर होते हैं जो शरीर की गर्मी को बाहर निकले से रोकते हैं और इसी वजह से सर्दियों के मौसम में हमारा शरीर ज्यादा वक्त तक के लिए गर्म रहता है. यह तो आप सभी जानते हैं कि उत्तर भारत में कड़कड़ती ठंड पड़ने की वजह से ज्यादातर लोग गर्म कपड़े पहनकर सोते हैं.लेकिन, बहुत ही कम लोग जानते हैं कि उनकी ये छोटी सी गलती उनकी सेहत को काफी नुकसान पहुंचा सकता है. तो चलिए जानते हैं कि रात को गर्म कपड़े पहने से क्या-क्या नुकसान होता है. ठंड को कैसे रोकती है ऊन? रिसर्च के मुताबिक ऊन के रेशों में काफी गर्मी होती है. या फिर आप ये कह सकते हैं कि ऊन ऊष्मा का कुचालक होता है जिनमें बड़ी मात्रा में एयर ट्रैप हो जाते हैं और इसी लिए सर्दियों में ऊनी कपड़े पहने जाते हैं.डॉक्टर्स के मुताबिक सर्दियों में रक्तवाहिनियां सिकुड़ जाती हैं. लेकिन, अगर ऊनी कपड़े पहन कर रजाई में सोने से बेचैनी, घबराहट, ब्लड प्रेशर लो होने जैसी परेशानियां होने लगती है और साथ ही शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती है. तो इसलिए सोते वक्त कॉटन के कपड़े ही पहने. घबराट के साथ ही सर्दियों में ऊनी कपड़े पहने के सोने से स्किन की भी परेशानी होने लगती है. इसी के साथ स्किन एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ लोगों को ऊन की वजह से एलर्जी भी सकती है. इसके लक्ष्ण हैं, खुजली की समस्या, स्किन पर रैशेज हो जाना, चिड़चिड़ी आंखें, नाक बहना और खांसी. अगर आपको भी ऐसी समस्या होती है तो एक बार जांच करवा लें की कहीं आपको ये दिक्कतें आपके ऊन से तो नहीं हो रही.