कुल्लू की रघुपुर घाटी में बादल फटने से तबाही
SHIMLA : हि. प्र. में मानसूनी बारिश का कहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। राज्य में मंगलवार-बुधवार को अलग-अलग हादसों में 9 लोगों की जान गई। बारिश से कई घरों को नुकसान पहुंचा है, वहीं भूस्खलन से अधिकांश सडक़ों पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। बुधवार को भूस्खलन से शिमला-कालका नेशनल हाईवे सोलन जिला के क्यारीबंगला के पास कुछ घंटे अवरुद्ध रहा।
हिमाचल प्रदेश में YELLOW ALERT के बीच बुधवार को कुल्लू की रघुपुर घाटी में बादल फटने से सड़कों और फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जिले के तीन गांवों के पैदल रास्ते टूट गए हैं। बादल फटने से क्षेत्र में मटर की फसल तबाह हो गई है। रास्ते टूटने से फनौटी पंचायत में 1000 सेब की पेटियां फंस गई हैं। राजधानी शिमला सहित कई जिलों में बुधवार को बादल छाए रहे। कुछ क्षेत्रों में बारिश भी हुई। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक भूस्खलन से 22 सडक़ों पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। सिरमौर में 11, मंडी में पांच, कुल्लू में तीन, शिमला में दो और बिलासपुर में एक सडक़ बंद है।
अलग-अलग हादसों में कुल 9 लोग मारे गए हैं। ये मौतें बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू औैर सोलन जिलों में हुई है। माैत की वजह सडक़ दुर्घटना, पहाड़ी से गिरना, फिसलना, बहना और सर्पदंश रही। बारिश से सिरमोैर में 27 ओैर कुल्लू में 14 ट्रांसफार्मरों के ठप पडऩे से लोगों को बिजली किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है। बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर ओैर सिरमौर में एक-एक कच्चा मकान पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गया। इसके अलावा कुल्लू में 11, मंडी में दो और ऊना व सिरमाैर में एक-एक कच्चे मकान को आंशिक नुकसान पहुंचा है। बिलासपुर में चार ओैर हमीरपुर व सिरमोैर में तीन-तीन पशुशालाएं भी धराशाही हो गईं। बिलासपुर में तीन पशु-पक्षी भी हादसों में मारे गए। राज्य के मैदानी एवं मध्यवर्ती इलाकों में बादलों के बरसने से गर्मी के प्रकोप से निजात मिल रही है, वहीं राज्य की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात से पहाड़ी इलाकों में मोैसम ठंडा हो गया है। राजधानी शिमला के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।