हमीरा शराब फैक्ट्री में फिर पंगा, ठेके पर काम करने वालों ने लगाया धरना

जालंधर (संजय शर्मा \रोहित)-हमीरा शराब फैक्ट्री के खिलाफ वहां ठेके पर काम करने वाले कर्मियों ने मोर्चा खोल दिया है। कर्मियों ने फैक्ट्री के गेट के बाहर धरना लगाया हुआ है। इन धरना लगाने वाले कर्मियों में शामिल जसपाल सिंह व अन्य ने आज मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि फैक्ट्री में करीब 400 मुलाजिम ठेके पर काम करते हैं और करीब 7-8 ठेकेदारों के अधीन उन्हें काम करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि करीब 280 रुपए दिहाड़ी रुपए मिलती है और उनकी दिहाड़ी के बहुत ज्यादा हिस्से पर ठेकेदार खुद कट लगा देते हैं। न पीएफ कटता है, न बोनस मिलता है, न कोई अन्य सुविधा। सालों से उनका शोषण हो रहा है। इन धरनाकारियों मुलाजिमों ने आज वालिया चैरीटेबल सोसाइटी के चेयरमैन गुरजीत सिंह वालिया से गुहार लगाई कि वह इस लड़ाई में उनका साथ दें। लेबर वर्ग का साथ देने आए समाजसेवक गुरजीत सिंह वालिया ने कहा कि हमीरा शराब फैक्ट्री की तानाशाही से यहांठेके पर काम करने वाले त्रस्त हैं। लेबर वर्ग जोकि हर देश की नींव होता है उसी नींव को हमीरा में कमजोर कर दिया गया है। वालिया ने कहा कि यहां के ठेकेदार लेबर का खून चूस रहे हैं उनके साथ मैनेजमेंट के कुछ अफसर मिले हुए हैं। वालिया ने कथित रूप से दलजीत नामक अफसर पर आरोप लगाते हुए कहा कि मैनेजमेंट जल्द से जल्द इस अफसर को बदले। वहीं वालिया ने कहा कि जो श्रमिक यहां धरना लगाकर बैठे हैं उन सभी का साथ वालिया चैरीटेबल सोसाइटी देगी। अगर इनकी दिहाड़ी ८०० रुपए या इससे अधिक नहीं बढ़ाई गई तो वालिया चैरीटेबल सोसाइटी इन श्रमिकों की तरफ से लेबर कोर्ट में शराब फैक्ट्री (जगतजीत इंडस्ट्रीज) के खिलाफ केस दर्ज करेगी। वालिया ने कहा कि उदाहरण के तौर पर अगर एक लेबर का 150 रुपए भी रोज कट लगता है तो 400 मुलाजिमों से गुणा करने पर वो करीब 60 हजार रोजाना का बनता है ऐसे में महीनों और सालों का हिसाब जब मांगा जाएगा तब तो करोड़ों रुपए बन जाएंगे। वालिया ने कहा कि वह एक एक पाई का हिसाब लेंगे। सबसे बड़ी बात यहां लेबर रखने पर भी उससे रिश्वत ली जाती है। कैप्टन सरकार पर बरसे वालिया :  गुरजीत वालिया ने कहा कि हमीरा फैक्ट्री में हर अत्याचार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पता होगा उन्हें जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। एक तरफ पंजाब के शहरी क्षेत्रों के दुकानदार परेशान हैं क्योंकि उनकी दुकानें नहीं खुल पा रहीं वहीं गांवों में अगर लेबर के साथ ऐसा हाल होगा वो दिन दूर नहीं जब लोग पंजाब आने से भी कतराने लगेंगे। वालिया ने कहा कि पंजाब ऐसी दलदल में धंसता चला जा रहा है जिसमें युवा वर्ग को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *