जालंधर(विशाल)-10 अप्रैल को जिले की मंडियों में माल तो पहुंचा लेकिन खरीद नहीं हो सकी। कारण, आढ़तियों द्वारा की गई हड़ताल को लेकर लुधियाना में हुई बैठक में शामिल होने के लिए जिले से अधिकतर व्यापारी शहर के बाहर थे। इस कारण मंडी में माल लेकर पहुंचे किसानों को तो परेशानी झेलनी ही पड़ी साथ ही पहले दिन खरीद ना होने से लेबर भी मेहनताना हासिल नहीं कर सकी।
दरअसल, राज्य में गेहूं के पकने में इस बार देरी की संभावना के चलते खरीद के लिए एक की जगह 10 अप्रैल निर्धारित की गई थी। इसके लिए जिला प्रशासन, फूड व सिविल सप्लाई विभाग, मंडी बोर्ड तथा मार्केट कमेटी की तरफ से व्यापक प्रबंध किए गए थे। डीसी घनश्याम थोरी ने 10 अप्रैल से सभी खरीद केंद्रों व मंडियों में स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की है। लेकिन, पहले दिन खरीद ना होने से मंडी भी वीरान रही। – 78 खरीद केंद्रों पर होगा खरीद कामजिले में गेहूं की खरीद का काम निर्विघ्न पूरा करने के लिए 78 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। जहां पर खरीद एजेंसियों के अलावा विभिन्न विभागों के निरिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। इस बारे में मार्केट कमेटी के सचिव सुरिदंरपाल शर्मा बताते हैं कि किसानों को खरीद के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए पर्याप्त बारदाना, लिफ्टिंग का प्रबंध तथा लेबर के साथ ही कमेटी के इंस्पेक्टर तैनात रहेंगे। इसी तरह वह अपने स्तर पर दौरा करके किसानों की जरूरतों को जानेंगे। – आज से शुरू होगा खरीद का काममार्केट कमेटी के चेयरमैन राज कुमार अरोड़ा बताते हैं कि 10 अप्रैल को आढ़तियों द्वारा हड़ताल वापिस लेने का फैसले देरी से आने के चलते पहले दिन खरीद नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि 11 अप्रैल को मंडी में विधिवत खरीद का काम शुरू करवाया जाएगा। इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी