जालंधर,(विशाल)-फिरोजपुर रेलवे मंडल ने वर्ष 2020-21 के दौरान पहली बार एक लाख वैगनों के जरिये 1232.63 मिलियन टन सामान अपने गंतव्य पर पहुंचा कर इतिहास रच दिया है। डीआरएम राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह एक बड़ी उपलब्धी रही है और खास बात यह भी है कि रेलवे द्वारा राजस्व अर्जित करने के मामले में सबसे अधिक वृद्धि उत्तर रेलवे की रही है। उन्होंने बताया कि मंडल के कर्मचारियों व अधिकारियों के प्रयास व कुशल प्रबंधन से फिरोजपुर मंडल द्वारा प्रत्येक वर्ष माल लदान के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल की जा रही है।वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान लगभग 13 मिलियन टन माल लदान कर मंडल ने लगभग 2393 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 33 प्रतिशत अधिक है। फिरोजपुर मंडल भारतीय रेलवे में सर्वाधिक माल लदान करने वाले मंडलों में से एक है। मंडल के लिए यह कीर्तिमान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले वर्ष कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान अनेक विपरीत परिस्थितियां उत्पन्न हुई थी। इसके साथ ही मंडल में किसानों के रेल रोको आंदोलन के कारण अक्टूबर और नवंबर के दौरान रेल यातायात पुर्णतः बाधित रही। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी रेलकर्मियों ने कोरोना का डटकर सामना करते हुए देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए मालगाड़ियों व पार्सल स्पेशल ट्रेनों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।मंडल रेल प्रबंधक ने बताया कि ये उपलब्धियां परिचालन, वाणिज्य, यांत्रिक, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार, विद्युत, वित्त, आरपीएफ आदि विभागों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। रेलवे द्वारा सुरक्षित, भरोसेमंद यातायात सुविधा उपलब्ध कराने से उद्यमी एवं कंपनियां लाभांवित हो रहे हैं और राष्ट्र की अर्थव्यव्स्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। माल ढुलाई को आकर्षक बनाने के लिए भारतीय रेलवे में कई रियायतें व छूट भी दी जा रही हैं। जिस कारण इस वर्ष मंडल द्वारा ट्रेक्टर, आलू, जिप्सम व अन्य सामग्रियों की रिकार्ड लोडिंग हुई और लोडिंग के मामले में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई