जालंधर,(विशाल) ज़िले में बाल मज़दूरी की समस्या को ख़त्म करने के लिए अपनी मुहिम को जारी रखते हुए डिप्टी कमिश्नर जालंधर घनश्याम थोरी के निर्देशों पर प्रशासन की एक लेबर टास्क फोर्स ने मंगलवार को जालंधर -कपूरथला रोड पर स्थित सर्जिकल कंपलैक्स में एक रबड़ उद्योग में से चार बाल मज़दूरों को मुक्त करवाया। एक ग़ैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ज़िला प्रोग्राम अधिकारी गुरमिन्दर सिंह रंधावा के नेतृत्व में एक टीम पुलिस फोर्स के साथ जालंधर -कपूरथला रोड पर स्थित सर्जिकल कंपलैक्स में स्थित फैक्ट्री प्रीत रबड़ इंडस्ट्री में पहुंची।डीपीओ गुरमिन्दर सिंह रंधावा ने विवरणों से सम्बन्धित जानकारी देते हुए बताया कि इकाई में कुल चार बच्चों को मुक्त करवाया गया, जिनको डाक्टरी जांच के बाद चाइल्ड वेलफेयर समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति ने छुड़वाए गए बच्चों में से एक को उसके मां-बाप के हवाले कर दिया क्योंकि उसकी आयु एक्ट अधीन निर्धारित की गई अपेक्षित आयु से अधिक थी। उन्होंने आगे बताया कि एक बच्चे को पिंगला घर भेजा गया है जबकि दूसरे दो को राजपुरा प्रोटेक्शन होम भेज दिया गया है। डीपीओ ने कहा कि पुलिस विभाग की तरफ से बाल मज़दूरी करवाने के मामले में आरोपियों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्यवाही की जा रही है। कार्रवाई के दौरान एल. पी. ओ. सन्दीप सिंह, सी. पी. ओ. हरनीत कौर, एस.एच.ओ. बस्ती बावा खेल थाना गगनदीप सिंह सेखों, डिप्टी डायरैक्टर फैक्ट्री सुखमिन्दर सिंह, लेबर इनफोरसमैंट अधिकारी चंदन गिल और अन्य उपस्थित थे