वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2023 में पर्सनल इनकम टैक्स को लेकर पांच बड़ी घोषणाएं की हैं। न्यू टैक्स रिजीम चुनने वालों को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि जिनकी कुल आय सात लाख रुपये तक है उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होगा। 87A के तहत छूट की यह सीमा अभी तक 5 लाख रुपये की ही है। इसके अलावा भी न्यू टैक्स रिजीम की ओर टैक्सपेयर्स को आकर्षित करने के लिए इसमें कई तरह की छूट का ऐलान किया गया है। इसके अलावा इसमें टैक्स स्लैब की संख्या भी घटाकर सात से छह कर दी गई है।
0-3 लाख तक: कोई टैक्स नहीं
3 लाख से- 6 लाख तक: 5%
6 लाख से 9 लाख तक: 10%
9 लाख से 12 लाख तक: 15%
12 लाख से 15लाख तक: 20%
15 लाख से ऊपर: 30%
सैलरीड क्लास और पेंशनभोगियों के लिए न्यू टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन के लाभ का को बढ़ाया गया है। 15.5 लाख या उससे अधिक आय वाले प्रत्येक वेतनभोगी व्यक्ति को 52,500 रुपये तक का लाभ मिलेगा। वर्तमान में ओल्ड रिजीम के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन 50,000 रुपये है और प्रोफेशनल टैक्स के लिए अधिकतम डिडक्शन 2,500 रुपये है।
सरकार ने ओल्ड टैक्स रिजीम को फेज वाइज हटाने के लिए न्यू टैक्स रिजीम को काफी आकर्षक बनाने की घोषणा की है। न्यू टैक्स रिजीम ही अब डिफॉल्ट टैक्स रिजीम होगा और किसी को ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत रिटर्न फाइल करना है तो उसे बदलना होगा। इसके अलावा रिटायरमेंट पर टैक्स फ्री लीव इनकैशमेंट की सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।
वर्ष 2020 से देश में इनकम टैक्स की दो प्रणाली मौजूद हैं। पहली वाली को ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) के नाम से जाना जाता है। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नई व्यवस्था (New Tax Regime) शुरू की गई थी। नई टैक्स प्रणाली शुरू करने के साथ ही अभी पुरानी टैक्स प्रणाली को भी बरकरार रखा गया है।
ओल्ड टैक्स रिजीम में सेक्शन 80 C और 80 D जैसे टैक्स सेविंग उपकरणों के जरिए टैक्सपेयर्स टैक्स बचा सकते हैं, लेकिन नई व्यवस्था में इस तरह की कोई इग्जेम्प्शन नहीं है। इस वजह से नई टैक्स प्रणाली को बहुत ही कम लोगों ने अपनाया है। सैलरी पाने वाले लोगों को न्यू टैक्स रिजीम से कोई फायदा नहीं है क्योंकि उन्हें HRA, LTA , स्टैंडर्ड डिडक्शन, सेक्शन 80C और सेक्शन 80D के तहत मिलने वाली डिडक्शन नहीं मिलती है।