जालन्धर, महानगर के चौगिट्टी बाईपास फ्लाईओवर ( नैशनल हाईवे ) के दायी ओर सर्विस लेन के किनारे तकरीबन 600 मीटर लम्बा नया फुटपाथ बनने जा रहा है ,जिसका काम शीघ्र ही शुरू होने वाला है। यह जानकारी अल्फ़ा महेन्द्रू फाउंडेशन के अध्यक्ष रमेश महेन्द्रू ने दी। उन्होने बताया कि जनता की सुविधा के लिए अल्फ़ा महेन्द्रू फाउंडेशन ने नया फुटपाथ बनवाने के लिए माननीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को करीब तीन महीने पूर्व एक पत्र लिखकर इस जगह पर नया फुटपाथ बनवाने की गुहार लगाई थी। इस नये फुटपाथ का निर्माण कार्य नैशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से जुड़े कांट्रैक्टर ढींगरा ब्रदर्स (इंडिया) द्वारा किया जाना है। इस संदर्भ में कांट्रैक्टर ढींगरा ब्रदर्स (इंडिया) के इंजिनियर हरेन्द्र सिंह व अन्य अधिकारीयों के साथ साईट पर एक मीटिंग अल्फ़ा महेन्द्रू फाउंडेशन के अध्यक्ष रमेश महेन्द्रू, मुख्य सलाहकार पर्यावरण संरक्षण – ललित मैहता, प्रोजेक्ट निदेशक पर्यावरण संरक्षण – गुरमीत सिंह कलेर, लीगल एडवाईजर ऐडवोकेट जयपाल शर्मा, सुलखण सिंह व अन्य सदस्यों की उपस्थिति में हुई। जिनमें हरेन्द्र सिंह ने बताया कि नये फुटपाथ का कार्य कुछ ही दिनों में शुरू हो जायेगा जोकि तकरीबन 600 मीटर लम्बा और उसकी चौड़ाई करीब 2 मीटर होगी। अल्फ़ा महेंद्रू फाउंडेशन के अध्यक्ष रमेश महेन्द्रू ने माननीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी,जिलाधीश डा॰ हिमांशु अग्रवाल, प्रोजेक्ट निदेशक व साईट इंजीनियर-भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित कांट्रैक्टर ढींगरा ब्रदर्स (इंडिया) और उनकी टीम का धन्यवाद किया। महासचिव जसविन्द्र सिंह धीरज ने कहा कि यहां पर यानि नैशनल हाईवे के दोनों तरफ (चौगिट्टी बाईपास) पर जनता की सुविधा हेतु फुट ओवर ब्रिज भी बनाया जाए ताकि बसों से उतरने वाले इलाका निवासीयों को पैदल आने जाने के लिए परेशानी ना हो। उन्होने कहा कि ट्रैफिक जाम व आपातकाल के समय भी इसका उपयोग फायदेमंद साबित होगा।
गौर हो कि अल्फ़ा महेन्द्रू फाउंडेशन ने चौगिट्टी बाईपास फ्लाईओवर के समीप नगर निगम जालन्धर द्वारा बनाए गए कूड़े-करकट के डम्प को बंद करवाने के लिए नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल मे याचिका दायर की थी, तभी यह कूड़े-करकट का डम्प बंद हो पाया था जबकि उसी जगह सर्विस लेन के किनारे नैशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा 250 मीटर व 100 मीटर लम्बा फुटपाथ बनाया गया था, जिससे जालन्धर शहर कई जनता को प्रदूषित वातावरण से राहत मिल सकी।