महाराज जी के निमित्त सप्ताहिक दिव्य हवन यज्ञ सम्पन्न 

जालंधर, मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।

सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।

सिद्ध मां बगलामुखी धाम के प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज जी ने दिव्य हवन यज्ञ पर उपस्थित प्रभु भक्तों को प्रवचनों द्वारा निहाल करते हुए कहते है कि मनुष्य के अच्छे कर्म ही उसके लिए मोक्ष के द्वार खोलते हैं। मोक्ष प्राप्ति का अर्थ होता है जीवन मरण के चक्र से मुक्त हो जाना। मोक्ष का प्राप्ति के बाद मनुष्य को दोबारा इस मृत्युलोक पर जन्म लेने की आवश्यकता नहीं रहती है। इसलिए हर मनुष्य मृत्यु के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति करना चाहता है। शास्त्रों में कुछ ऐसे कार्य बताए गए हैं, जिन्हें करने से मनुष्य के मृत्यु समय के कष्ट कट जाते हैं। उसे इस लोक के बाद स्वर्ग में स्थान मिलता है। मनुष्य जीवन मरण के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति करता है।

नवजीत भारद्वाज जी ने प्रभु भक्तों को कहा कि रामचरित मानस का पाठ बहुत ही पुण्यकारी है। इसलिए मनुष्य को रामचरित मानस का पाठ नियमित रूप से करना चाहिए। रामचरितमानस भगवान राम के विषय में लिखा गया है इसके बारे में कहा गया है कि इसकी चौपाइंया केवल वाक्य या शब्दों की माला नहीं हैं बल्कि ये मृत्यु के पश्चात भी मनुष्य को भवपार कराती हैं। रामचरित मानस के पाठ से मृत्यु समय का कष्ट कम होता है और मनुष्य इस लोक के बाद उच्च लोक की प्राप्ति करता है।

भक्ति का मार्ग मनुष्य के लिए मोक्ष की प्राप्ति के द्वार खोलता है परंतु भक्ति पूर्ण लगन से होनी चाहिए। भक्त पूरी तरह से स्वयं भी भगवान की शरण में सौंप दे। सांसारिक बातों से कोई मोह न रखें। यह मार्ग अत्यंत कठिन होता है।

नवजीत भारद्वाज जी प्रवचनों को विराम लगाते हुए कहा कि आचरण और कर्म के अनुसार मनुष्य मृत्यु के बाद मोक्ष, नरक या स्वर्ग का भागीदार बनता है। भगवान श्री कृष्ण ने भी भगवद् गीता में कर्म को सबसे ऊपर बताया है। व्यक्ति को भाग्यवादी न बनकर कर्मवादी बनना चाहिए। अच्छा और सात्विक आचरण एवं अच्छे कर्मों के द्वारा ही व्यक्ति इस जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है।

इस अवसर पर अमरेंद्र कुमार शर्मा,दिनेश , समीर कपूर, राकेश प्रभाकर,पूनम प्रभाकर, सरोज बाला,नरेश,कोमल ,जगदीश डोगरा,वेद प्रकाश, ऋषभ कालिया, कमलजीत,बलजिंदर सिंह,अभिषेक, धर्मपालसिंह, अमरजीत सिंह, उदय ,अजीत कुमार , नरेंद्र ,रोहित भाटिया,बावा जोशी,राकेश शर्मा, अमरेंद्र सिंह,बावा खन्ना, विनोद खन्ना, नवीन , प्रदीप, सुधीर, सुमीत, डॉ गुप्ता,सुक्खा अमनदीप , नवीन कुमार, निर्मल,अनिल,सागर,दीपक,दसोंधा सिंह, प्रिंस कुमार, पप्पू ठाकुर, दीपक कुमार, नरेंद्र, सौरभ, नरेश,दिक्षित, अनिल, कमल नैयर, अजय,बलदेव सिंह भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।हवन-यज्ञ उपरांत विशाल लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।

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