मनी लॉन्ड्रिंग से लेकर सीबीआई जांच तक

नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया गया है कि पूर्व और मौजूदा 51 सांसद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज मामलों का सामना कर रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट में इन आरोपी सांसदों की डिटेल शेयर नहीं की गई है। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि विभिन्न विधानसभा और विधान परिषद के कुल 71 सदस्यों के खिलाफ पीएमएलए, 2002 के तहत मामले दर्ज हैं। सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों के शीघ्र निपटारे के संबंध में दायर एक याचिका में न्याय मित्र नियुक्त किए गए वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसरिया ने इस संबंध में दाखिल अपनी रिपोर्ट में शीर्ष अदालत को यह सूचित किया है। स्टेटस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पूर्व और मौजूदा सदस्यों सहित 121 सांसदों और विधायकों के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज मामले लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट, एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर उस याचिका पर समय-समय पर निर्देश देती रही है, जिसमें सांसदों के खिलाफ दर्ज मामलों की त्वरित सुनवाई और सीबीआई और अन्य एजेंसियों द्वारा जांच में तेजी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।

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