बादल और सिरसा अमीर हो सकते हैं, पर जमीर मेरे पास है : जीके

नई दिल्ली -दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा लुक आउट सर्कुलर खोलने की सूचना आने के बाद सियासत गर्मा गई है। पटियाला हाउस कोर्ट के द्वारा भ्रष्टाचार मामले में जांच अधिकारी को 9 जुलाई को सिरसा के देश छोड़ने की शिकायतकर्ता द्वारा जताई गई आशंका के बीच दी गई सख्त हिदायत के बाद आज जांच अधिकारी ने सिरसा के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर खोलने की जानकारी कोर्ट में दाखिल स्टेटस रिपोर्ट में दी थी। जिसके बाद जागो पार्टी के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने मीडिया को जारी ब्यान में बादल परिवार पर निशाना साधते हुए जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब को भी इस मामले पर ध्यान देने की गुहार लगाई है। जीके ने कहा कि अब स्पष्ट हो गया है कि सिरसा देश छोड़कर नहीं जा सकते है। सभी हवाई अड्डों पर सिरसा को रोकने का आदेश जारी हो गया है। देश के किसी भी आव्रजन केंद्र से सिरसा को अब बोर्डिंग पास नहीं मिलेगा।
जीके ने कहा कि बादलों के लिए अब सोचने का समय है कि आखिर वो सिरसा को अभी तक संरक्षण क्यों दें रहें थे ? मुझ पर सिर्फ भ्रष्टाचार के आरोप ही लगें थे, तो मैंने अपना नवंबर 2018 में इस्तीफा दे दिया था, जबकि उस मामले में एफआईआर 2 महीने बाद जनवरी 2019 में हूई थी और अभियुक्त के कालम में मेरा नाम भी नहीं था। लेकिन सिरसा के खिलाफ अदालत के आदेश पर 3 एफआईआर दर्ज होने के बाद अब देश छोड़ने पर भी रोक लग गई है, पर बादल चुप हैं। जिसका सीधा मतलब है कि यह अमीर तो है, पर इनके पास मेरी तरह जमीर नहीं है। जीके ने अफसोस जताया कि श्री अकाल तख्त साहिब पर सिरसा के खिलाफ पड़ी शिकायतों पर कार्रवाई होने से पहले ही कोर्ट ने सिरसा को अपराधी मान लिया है, यह ठीक उसी तरह है जैसे श्री अकाल तख्त साहिब से माफी पाने वाले डेरा सिरसा प्रमुख को पंचकूला की सीबीआई कोर्ट के जज ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जीके ने नानकमत्ता साहिब में हुए नाच-गाने के कार्यक्रम के लिए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की ढिलाई को कारण बताते हुए कहा कि यदि समय से गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में बजाए गए फिल्मी गीतों पर कार्रवाई हो जाती तो शायद आज नानकमत्ता साहिब में यह घटना ना घटती।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *