तमिलनाडु के कन्याकुमारी, तूत्तुकुडी, तिरुनेलवेली, नागपट्टिनम समेत कई ज़िलों के रहने वाले मछुआरे ईरान और ओमान जैसे देशों में रहकर मछली पकड़ने का काम करते हैं.
ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका और इसराइल के हमले शुरू होने के बाद ऐसे मछुआरों के परिवारों ने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की थी कि वहां रह रहे मछुआरों को सुरक्षित वापस भारत लाया जाए.
युद्धविराम की घोषणा के बाद, केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास की कोशिशों से पहले चरण में ईरान में फंसे तमिलनाडु के 345 मछुआरों को विशेष विमान से पिछले शनिवार (4 अप्रैल) शाम को चेन्नई लाया गया था.
इनमें से कुछ मछुआरे तमिलनाडु में अपने गांव पहुंचे, तो बीबीसी तमिल ने उनसे बातचीत की.