पुलिस छापामारी से पहले ही नशा तस्करो को मिल जाती है सूचना

जालंधर, पंजाब में नशा तस्करी के मुद्दे को लेकर सत्ता में आई आप सरकार ख़ुद नशा बंद करवाने के प्रयास में एक साल में ही फ्लॉप हो गई।विधानसभा हल्का जालंधर वेस्ट में जहाँ चिटे का गोरखधंधा खुलेआम हो रहा है वहीं शराब का भी कारोबार राजनीतिक सरंक्षण के चलते शरेआम चल रहा है।भार्गव नगर में 12 के करीब बड़े शराब तस्कर और चिटा तस्कर खुलेआम नशे का कारोबार राजनीतिक सरंक्षण प्राप्त कर कर रहे है।पुलिस और प्रशासन नशा बंद करवाने को लेकर हर रोज़ बयान तो देते है पर भार्गव नगर में खुलेआम हर प्रकार का नशा मिल जाता है।जहाँ बड़े स्तर के नशा तस्कर नशे का कारोबार कर रहे है जिनके सबंध कई राजनीतिक लोगो के साथ जुड़े हुए है।पुलिस छापामारी से पहले ही इन तस्करो को कि छापामारी की ख़बर मिल जाती है।जिससे यह नशे का सामान अपने ठिकाने से खुर्द बुर्द कर देते है जिससे पुलिस को वहाँ कुछ नही मिलता और खाली हाथ लौट जाती है।जिससे यह साफ जाहर होता है कि इनकी सेटिंग पुलिस के कुछ अधिकारी काली भेड़ो के साथ है जो पहले ही इनको छापामारी की खबर दे देते है।भार्गव कैंप में पिछले लंबे अरसे से नशे का कारोबार चल रहा है।कारोबार चलाने वालों के नाम पुलिस के पास पहले से ही है पर पुलिस उनपर कार्रवाई क्यों नही करती यह शक का घेरा कई सवाल उठाता है।

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