जालंधर-(विशाल)-सरकार की तरफ से महिलाओं को प्रदेश की सरकारी बसो में निशुल्क सफर की सुविधा वीरवार सुबह 6 बजे से लागू हो गई है। यह सुविधा मात्र साधारण बसों में ही उपलब्ध करवाई जाएगी तथा पंजाब की महिलाएं ही इस सुविधा से लाभान्वित हो सकेंगी। पंजाब की महिलाओं को निशुल्क सफर सुविधा लेने के दौरान कंडक्टर को अपना पहचान पत्र भी दिखाना होगा। पंजाब रोडवेज के डिप्टी डायरेक्टर परनीत सिंह मिन्हास ने बताया कि पंजाब की महिलाएं पंजाब रोडवेज, पनबस एवं पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) की बसों में निशुल्क सफर की सुविधा ले सकेंगी। खास यह है कि निशुल्क बस यात्रा सुविधा मात्र पंजाब की सीमाओं के भीतर ही लागू होगी और इंटर स्टेट रूटों पर चलने वाली बसों में पंजाब की महिलाओं से भी पंजाब के बाहरी राज्य का किराया वसूला जाएगा। परनीत सिंह मिन्हास ने बताया कि यात्रा के दौरान पंजाब की महिलाओं को आधार कार्ड, वोटर कार्ड अथवा ड्राइविंग लाइसेंस को पहचान पत्र के तौर पर संबंधित कंडक्टर को दिखाना होगा। कंडक्टर बकायदा तौर पर निशुल्क यात्रा सुविधा लेने वाली महिलाओं की जानकारी लिखित में संबंधित डिपो को उपलब्ध कराएगा। हालांकि पंजाब के भीतर पंजाब की महिलाओं को सरकारी बसों में सफर करने की कोई सीमा तय नहीं की गई है। महिलाएं एक दिन में जितनी मर्जी यात्रा पंजाब के भीतर सरकारी बसों में निशुल्क कर सकती हैं। हालांकि निजी बस ऑपरेटर की तरफ से महिलाओं को सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा दिए जाने की घोषणा को निजी बस ऑपरेटर्स के लिए घातक बताया जा रहा है।निजी ट्रांसपोर्टर गगनदीप बस सर्विस के संचालक संदीप शर्मा ने कहा कि लॉक डाउन की वजह से बीते एक वर्ष से भारी आर्थिक संकट झेल रहे निजी बस ऑपरेटर्स को अब महिला यात्री नहीं मिल सकेंगी जिससे उनका भारी आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को निजी बस ऑपरेटर्स को वित्तीय राहत देने की घोषणा करनी चाहिए।